PlayBreaking News

Mahasamund: महासमुंद बाल संप्रेषण गृह से 8 किशोर फरार, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर मुख्य सचिव से मांगा जवाब

दुष्कर्म, चोरी, आबकारी और NDPS मामलों में निरुद्ध किशोर ग्रिल तोड़कर और कांटेदार तार काटकर भागे, हाई कोर्ट ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल,महासमुंद स्थित शासकीय बाल संप्रेषण गृह से आठ किशोरों के फरार होने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है।
Follow on Google News
महासमुंद बाल संप्रेषण गृह से 8 किशोर फरार, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर मुख्य सचिव से मांगा जवाब

रायपुर/ महासमुंद: महासमुंद के शासकीय बाल संप्रेषण गृह से आठ किशोरों के फरार होने के मामले ने छत्तीसगढ़ में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए बिलासपुर हाई कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा तलब किया है। अदालत ने फरार किशोरों की तलाश, संप्रेषण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की कार्ययोजना पेश करने के निर्देश दिए हैं।

ये भी पढ़ें: Raipur News: रायपुर में तेज रफ्तार कार ने 8 साल की छात्रा को मारी टक्कर, पैर की हड्डी टूटी, गंभीर हालत में एम्स रेफर:video वायरल

महासमुंद संप्रेषण गृह से 8 किशोर फरार, हाई कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान

महासमुंद स्थित शासकीय बाल संप्रेषण गृह से आठ किशोरों के फरार होने के मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। मीडिया में प्रकाशित खबरों के आधार पर मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने इस मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया है।

ग्रिल तोड़ी, कांटेदार तार काटकर हुए फरार

जानकारी के अनुसार तड़के सुबह आठ किशोर पहले खिड़की की लोहे की ग्रिल तोड़कर बाहर निकले। इसके बाद लगभग 12 फीट ऊंची बाहरी दीवार पर लगे कांटेदार तार को काटकर संप्रेषण गृह से फरार हो गए। घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

ये भी पढ़ें: Raipur News: धान बेचने का नियम बदल गया, अब Agri Stack में रजिस्ट्रेशन नहीं तो नहीं होगी खरीदी

गंभीर मामलों में निरुद्ध थे किशोर

फरार हुए किशोरों में एक दुष्कर्म, दो चोरी, तीन आबकारी अधिनियम और दो एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों में निरुद्ध थे। ऐसे मामलों में बंद किशोरों के एक साथ फरार होने से प्रशासन और पुलिस की सतर्कता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

हाई कोर्ट ने जताई गंभीर चिंता

हाई कोर्ट ने कहा कि खिड़की की ग्रिल तोड़ने और ऊंची दीवार पर लगे कांटेदार तार काटने जैसी बड़ी घटना के बावजूद सुरक्षा कर्मियों को भनक तक नहीं लगना बेहद गंभीर मामला है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य के अन्य बाल संप्रेषण गृहों से भी पहले किशोरों के फरार होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

ये भी पढ़ें: Raipur News: स्वतंत्रता दिवस 2026: राष्ट्रपति भवन के निमंत्रण में चमकी बस्तर की संस्कृति, 'झिटकू-मिटकी' लोकगाथा को मिला राष्ट्रीय सम्मान

मुख्य सचिव से व्यक्तिगत हलफनामा तलब

डिवीजन बेंच ने राज्य के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसमें फरार किशोरों की तलाश के लिए उठाए गए कदम, पड़ोसी जिलों और ओडिशा राज्य को जारी अलर्ट तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कार्ययोजना की जानकारी देने को कहा गया है।

JJ Act के उद्देश्य पर भी सवाल

अदालत ने कहा कि किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 का उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित और सुधारात्मक वातावरण उपलब्ध कराना है। ऐसे संस्थानों से किशोरों का बार-बार फरार होना न केवल सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी दर्शाता है बल्कि कानून के मूल उद्देश्य और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती है।

ये भी पढ़ें: Raipur News: नेहरू मेडिकल कॉलेज में करोड़ों की खरीदी पर सवाल: 35 लाख की ओटी टेबल 80 लाख में खरीदने का आरोप, जांच रिपोर्ट के बाद भुगतान रुका

11 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

हाई कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को निर्धारित की है। अदालत ने राज्य सरकार से सभी बाल संप्रेषण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर प्रभावी सुधारात्मक कदम उठाने की अपेक्षा जताई है।

PREM

मै People's Updates रायपुर,छग में CHIEF EDITOR के पद में कार्यरत हूँ।अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत...Read More

Bhopal
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts