Mahasamund: महासमुंद बाल संप्रेषण गृह से 8 किशोर फरार, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर मुख्य सचिव से मांगा जवाब
महासमुंद के शासकीय बाल संप्रेषण गृह से आठ किशोरों के फरार होने की घटना ने राज्य की किशोर न्याय प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मीडिया में प्रकाशित खबरों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने इस मामले को जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने राज्य के मुख्य सचिव को व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। जानकारी के अनुसार सभी किशोर तड़के खिड़की की लोहे की ग्रिल तोड़क
PREM
6 Aug 2026



























