सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में हाथी पुनर्यौवन शिविर का समापन, महावतों और चाराकटरों का सम्मान
सोहागपुर। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में विभागीय हाथियों के स्वास्थ्य, देखभाल और समग्र कल्याण को ध्यान में रखते हुए आयोजित हाथी पुनर्यौवन शिविर का 20 सितंबर 2026 को गरिमामय माहौल में समापन हुआ। समारोह में मुख्य वन संरक्षक, नर्मदापुरम अशोक चौहान, वनमंडल अधिकारी हरदा और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की उपसंचालक ऋषिभा नेताम सहित वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। शिविर के दौरान विभागीय हाथियों के स्वास्थ्य और बेहतर देखभाल के लिए कई गतिविधियां आयोजित की गईं। हाथियों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके साथ ही संतुलित और पौष्टिक आहार, स्वच्छता, नियमित देखभाल तथा उनकी शारीरिक और मानसिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं की गईं। अधिकारियों ने शिविर में की गई गतिविधियों की जानकारी साझा करते हुए विभागीय हाथियों के वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हाथियों के बेहतर स्वास्थ्य और कल्याण के लिए नियमित निगरानी और उचित देखभाल की व्यवस्था जरूरी है।
महावत और चाराकटरों की भूमिका की सराहना
समापन समारोह में वन अधिकारियों ने हाथियों की देखभाल और प्रबंधन में महावतों एवं चाराकटरों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। अधिकारियों ने कहा कि हाथियों की रोजाना सेवा, सुरक्षा और देखभाल में इन मैदानी वनकर्मियों की सीधी और अहम भूमिका रहती है। वर्षों से हाथियों के साथ जिम्मेदारी, अनुशासन और आत्मीयता के साथ काम कर रहे महावतों और चाराकटरों के समर्पण की अधिकारियों ने सराहना की। समारोह में उनके कार्य को हाथियों के बेहतर प्रबंधन से जोड़ते हुए उनके योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।
प्रमाण-पत्र देकर किया सम्मानित
हाथियों की निरंतर सेवा, बेहतर देखभाल और वन्यप्राणी संरक्षण में योगदान के लिए महावतों और चाराकटरों को वरिष्ठ वन अधिकारियों ने प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। प्रमाण-पत्र वितरण के माध्यम से उन वनकर्मियों के कार्य को पहचान दी गई, जो प्रतिदिन हाथियों की देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं। अधिकारियों ने उनके समर्पण को वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
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महावतों और चाराकटरों का कराया गया बीमा
समापन समारोह के दौरान हाथियों की देखभाल करने वाले मैदानी कर्मचारियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई। वन विभाग की ओर से सभी महावतों एवं चाराकटरों का बीमा कराया गया। अधिकारियों ने इसे हाथियों के साथ सीधे काम करने वाले कर्मचारियों की जीवन सुरक्षा और कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। हाथियों की देखभाल के साथ उनकी सेवा में जुटे कर्मचारियों की सुरक्षा को भी विभागीय स्तर पर महत्व दिए जाने की बात कही गई।
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हाथियों के बेहतर स्वास्थ्य और वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर
समापन अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि विभागीय हाथियों के बेहतर स्वास्थ्य और कल्याण को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, गुणवत्तापूर्ण और संतुलित आहार, स्वच्छता तथा वैज्ञानिक तरीके से हाथियों के प्रबंधन और देखभाल की प्रक्रिया को लगातार बनाए रखने पर जोर दिया गया। शिविर के दौरान हाथियों की शारीरिक और मानसिक आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया गया। अधिकारियों ने हाथियों की देखभाल में संवेदनशीलता, अनुशासन और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को जरूरी बताया। हाथियों के प्रति संवेदनशीलता, सेवा, सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण का संदेश देते हुए शिविर का समापन हुआ। इस दौरान हाथियों के स्वास्थ्य और देखभाल के साथ-साथ उनके साथ काम करने वाले महावतों एवं चाराकटरों के योगदान और सुरक्षा को भी प्रमुखता दी गई।























