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वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिसके तहत अमेरिका के व्यापारिक साझेदार देशों को कुछ खास परिस्थितियों में टैरिफ से छूट दी जाएगी। यह छूट उन देशों को मिलेगी जो अमेरिका के साथ औद्योगिक निर्यात जैसे निकल, सोना और अन्य धातुएं, दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले यौगिक और रसायनों पर समझौते करेंगे। यह कदम सोमवार से लागू हो जाएगा और इसका सीधा मकसद यह है कि जो देश अमेरिका के साथ पारस्परिक व्यापार समझौते करेंगे, उन्हें कुछ उत्पादों पर आयात शुल्क से राहत दी जाएगी। ट्रंप प्रशासन ने पिछले 7 माह में भारी टैरिफ वृद्धि की नीतियां अपनाई हैं। इसका उद्देश्य वैश्विक व्यापार व्यवस्था को नए सिरे से व्यवस्थित करना, अमेरिकी व्यापार घाटे को कम करना और साझेदार देशों से रियायतें हासिल करना रहा है।
नए आदेश में 45 से अधिक ऐसी श्रेणियां शामिल की गई हैं, जिन पर चुनिंदा साझेदार देशों को शून्य टैरिफ का लाभ मिलेगा। इसका अर्थ है कि अगर कोई देश अमेरिका के साथ फ्रेमवर्क समझौता करता है और पारस्परिक टैरिफ को कम करने पर सहमति देता है तो उन वस्तुओं पर टैरिफ हटाया जा सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि किसी भी देश को दी जाने वाली छूट इस बात पर निर्भर करेगी कि उस देश ने अमेरिका को कितनी मात्रा में आर्थिक सहयोग किया है। इस आदेश के तहत वे वस्तुएं शामिल की गई हैं, जिन्हें अमेरिका में न तो उगाया जा सकता है और न प्राकृतिक रूप से उपलब्ध हैं या घरेलू मांग पूरी करने लायक मात्रा में उत्पादन संभव नहीं है।
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व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि इस आदेश से कुछ कृषि उत्पादों, विमान और उनके पुर्जों तथा दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले गैर-पेटेंटेड उत्पादों के लिए भी विशेष छूट की व्यवस्था की गई है। अब यदि कोई देश अमेरिका के साथ पारस्परिक व्यापार समझौता करता है तो अमेरिकी वाणिज्य विभाग, व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय और सीमा शुल्क विभाग को यह अधिकार होगा कि वे इन वस्तुओं पर टैरिफ छूट लागू कर दें, और इसके लिए राष्ट्रपति की ओर से नया आदेश जारी करने की जरूरत नहीं होगी। इस आदेश में जिन वस्तुओं को शून्य टैरिफ श्रेणी में रखा गया है, उनमें ग्रेफाइट और निकल शामिल हैं। निकल स्टेनलेस स्टील के उत्पादन और इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाता है।
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इसके अलावा कुछ ऐसे यौगिक भी शामिल किए गए हैं, जो जेनेरिक दवाओं में उपयोग किए जाते हैं। उदाहरण के लिए, स्थानीय एनेस्थीसिया में इस्तेमाल होने वाली दवा लिडोकेन और मेडिकल डायग्नोस्टिक टेस्ट में प्रयोग किए जाने वाले अभिकर्मक (Reagents) भी इसमें शामिल हैं। ट्रंप का यह आदेश अमेरिका के व्यापारिक संबंधों को अधिक लचीला बनाने की दिशा में उठाया गया एक बड़ा कदम है। यह आदेश उन देशों को पुरस्कृत करने जैसा है जो अमेरिका के साथ निष्पक्ष और पारस्परिक व्यापार की शर्तों पर सहमत हैं। इसके जरिए अमेरिका उन उत्पादों पर टैरिफ हटाकर घरेलू कमी पूरी कर सकेगा, जिनकी पर्याप्त आपूर्ति देश में संभव नहीं है, साथ ही इससे वैश्विक आपूर्ति शृंखला को भी फायदा होगा।