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कभी बस - कभी ट्रेन ...शराब माफिया द्वारा शांति एक्सप्रेस से गुजरात भेजी जा रही अवैध शराब पकड़ी

शराब माफिया द्वारा शांति एक्सप्रेस से गुजरात भेजी जा रही अवैध शराब पकड़ी
फाइल फ़ोटो
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर। अवैध शराब तस्करी के खिलाफ पुलिस की सख्ती के बावजूद शराब माफिया नए-नए रास्ते और तरीके अपनाने से बाज नहीं आ रहे हैं। बस के जरिए शराब तस्करी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब ट्रेन के जरिए गुजरात शराब सप्लाई करने वाले नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा हो गया है। जीआरपी पुलिस की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि तस्कर लगातार अपने रूट बदल रहे हैं, लेकिन कानून की नजर से बच नहीं पा रहे।

    शांति एक्सप्रेस में छिपाकर ले जाई जा रही थी शराब


    जीआरपी टीआई रश्मि पाटीदार के अनुसार, बीती रात लक्ष्मीबाई नगर रेलवे स्टेशन से गुजर रही शांति एक्सप्रेस में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान एक यात्री संदिग्ध हालत में नजर आया। जब उसकी तलाशी ली गई तो पुलिस भी हैरान रह गई। यात्री के पास मौजूद बैग से 5 पेटियों में भरी करीब 47 लीटर अवैध शराब बरामद हुई। शराब क्वार्टर बोतलों में पैक थी, जिसे ट्रेन के जरिए गुजरात सप्लाई किया जाना था, जहां शराबबंदी लागू है।

    पकड़े गए आरोपी की पहचान अरविंद उर्फ पिंटू जायसवाल (43) निवासी श्याम नगर, मेन हीरानगर के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने शराब तस्करी की बात कबूल कर ली है। पुलिस ने उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उससे गहन पूछताछ जारी है।

    लायसेंसी ठेकेदार का भाई निकला तस्कर


    इस पूरे मामले में सबसे सनसनीखेज खुलासा तब हुआ, जब पता चला कि आरोपी अरविंद उर्फ पिंटू इंदौर के लायसेंसी शराब ठेकेदार सुमित जायसवाल का सगा भाई है। सूत्रों के मुताबिक आरोपी कंचनबाग स्थित शराब दुकान से शराब लेकर गुजरात ले जाने के इरादे से निकला था। माना जा रहा है कि इस तस्करी के पीछे एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है, जिसकी कड़ियां अब पुलिस खंगाल रही है।

    बस से ट्रेन तक, तस्करों के बदलते रास्ते


    गौरतलब है कि कुछ ही दिन पहले विजयनगर पुलिस ने सलूजा ट्रेवल्स की बस से अहमदाबाद भेजी जा रही 90 पेटी अवैध शराब की बड़ी खेप जब्त की थी। अब ट्रेन से शराब तस्करी का मामला सामने आने से साफ है कि शराब माफिया पुलिस से बचने के लिए अपने रास्ते और माध्यम लगातार बदल रहे हैं। कभी बस, कभी ट्रेन। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब सप्लाई करने वालों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी जल्द सामने आ सकते हैं।  

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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