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वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने, फेडरल रिजर्व में जेरोम पॉवेल की जगह लेने वाले, अगले चेयरमैन को लेकर अपनी शॉर्टलिस्ट जारी कर दी है। इसमें उनके करीबी सहयोगी केविन हैसेट, पूर्व गवर्नर केविन वार्श और वर्तमान गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर को स्थान दिया गया है। पहले इस सूची में स्कॉट बेसेंट का भी नाम था, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी इस पद में दिलचस्पी नहीं है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अब वे तीन उम्मीदवारों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से मौजूदा फेड चेयर जेरोम पॉवेल की आलोचना करते रहे हैं। उनका मानना है कि पॉवेल ने ब्याज दरें घटाने में बहुत देर कर दी और इससे मकान खरीदारों समेत कई क्षेत्रों पर बोझ बढ़ गया।
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ट्रंप बार-बार यह कह चुके हैं कि ब्याज दरों को तेजी से घटाना चाहिए, ताकि आर्थिक गतिविधियों में जान आ सके। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फेड चेयर पॉवेल के बीच लंबे समय से गंभीर असहमतियां हैं। ट्रंप लगातार ब्याज दर घटाने का दबाव डाल रहे हैं, जबकि पॉवेल ने उनकी अनसुनी करते हुए ब्याज दरों को स्थिर बनाए रखा है। पॉवेल का तर्क है कि ट्रंप की टैरिफ नीतियां महंगाई को बढ़ावा दे सकती हैं, इसलिए ब्याज दरों में जल्दबाजी में कटौती करना सही नहीं है। हालांकि हाल ही में पॉवेल का ध्यान मजदूरी बाजार की कमजोरी की ओर गया है और उन्होंने संकेत दिए हैं कि सितंबर में नीतिगत दर में कटौती की जा सकती है।
अमेरिका में अगस्त माह में रोजगार वृद्धि अचानक कमजोर हो गई और बेरोजगारी दर बढ़कर 4.3 प्रतिशत पर पहु्ंच गई है, जो चार साल में सबसे उच्च स्तर है। यह संकेत है कि श्रम बाजार की हालत खराब हो रही है। ऐसे समय में फेड की अगुवाई कौन करेगा, यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है। बाजार विश्लेषक इस फैसले पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं, क्योंकि नए चेयर के आते ही यह अंदाजा लगेगा कि आगे ब्याज दरें कितनी तेजी से घटाई जाएंगी और महंगाई नियंत्रण की नीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी। अगर केविन हैसेट का चयन होता है, तो वे डोनाल्ड ट्रंप की आर्थिक नीतियों के पक्के समर्थक साबित होंगे। वे डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति का भी समर्थन करते रहे हैं और मानते हैं कि फेड ने ब्याज दरों को अनावश्यक रूप से ऊंचा बनाए रखा है।
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केविन हैसेट निकटता की वजह से डोनाल्ड ट्रंप की पहली पसंद हैं। दूसरी ओर, केविन वार्श पहले फेड गवर्नर रह चुके हैं और वे लगातार कह रहे हैं कि फेडरल रिजर्व को मौजूदा नीति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने की जरूरत है। उन्होंने कई बार रिजीम चेंज की बात की है, जिसका मतलब है कि वे पूरी मौद्रिक नीति की दिशा बदलने के पक्षधर हैं। वहीं क्रिस्टोफर वॉलर अभी फेड में सक्रिय गवर्नर हैं और उनकी छवि एक अनुभवी नीतिकार की है। यह तय है कि नया चेयर आने के बाद फेडरल रिजर्व की नीतियों पर राष्ट्रपति ट्रंप का प्रभाव और भी बढ़ सकता है। ट्रंप चाहते हैं कि ब्याज दरों में ज्यादा कटौती की जाए, ताकि निवेश और खर्च बढ़े और अर्थव्यवस्था तेजी पकड़े।