Naresh Bhagoria
3 Feb 2026
Manisha Dhanwani
3 Feb 2026
Manisha Dhanwani
2 Feb 2026
रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां जिंदल यूनिवर्सिटी की 20 वर्षीय छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में फांसी (Raigarh Student Suicide) लगाकर जान दे दी। यह न सिर्फ यूनिवर्सिटी बल्कि पूरे इलाके में चर्चा और चिंता का विषय बन गया है। फिलहाल सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना पूंजीपथरा थाना क्षेत्र की है। मृतका की पहचान प्रिंसी कुमारी (20) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जमशेदपुर (टाटा) की रहने वाली थी। वह रायगढ़ स्थित जिंदल यूनिवर्सिटी में बी-टेक सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रही थी और हॉस्टल में रह रही थी। 20 दिसंबर की रात प्रिंसी का शव हॉस्टल के कमरे में फांसी पर लटका मिला।
पुलिस को छात्रा के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इसमें प्रिंसी ने लिखा कि, वह अपने मम्मी-पापा की उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई। उसने यह भी लिखा कि पढ़ाई में कमजोर होने और पढ़ाई पर ज्यादा खर्च हो जाने की वजह से वह खुद को दोषी मानती थी। नोट में उसने माता-पिता से बार-बार माफी मांगी है।

शनिवार रात करीब साढ़े 8 बजे प्रिंसी के परिजन उसे लगातार फोन कर रहे थे, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। घबराकर परिजनों ने हॉस्टल वार्डन को फोन किया। जब वार्डन छात्रा के कमरे तक पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था। खिड़की से झांकने पर छात्रा फांसी पर लटकी नजर आई। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पूंजीपथरा थाना प्रभारी राकेश मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कमरे की जांच की गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। घटना की जानकारी छात्रा के परिजनों को भी दी गई।
यह भी पढ़ें: कोरिया में दिल दहला देने वाली वारदात : भतीजे ने चाचा की फावड़े से हत्या की, फिर कुएं में कूदकर दी जान
पुलिस जांच में सामने आया है कि, प्रिंसी ने बीते कुछ महीनों में सेमेस्टर फीस के नाम पर परिजनों से कई बार पैसे मांगे थे। पहले 50 हजार, फिर 35 हजार और उसके बाद 15 हजार रुपए भेजे गए थे। आशंका जताई जा रही है कि, पढ़ाई और खर्च को लेकर वह मानसिक दबाव में थी।
थाना प्रभारी राकेश मिश्रा ने बताया कि, मामला गंभीर है और हर पहलू से जांच की जा रही है। सुसाइड नोट, पारिवारिक स्थिति और पढ़ाई से जुड़े दबाव को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों पर स्पष्ट स्थिति सामने आएगी।
यह भी पढ़ें: Peoples Update Special : भोपाल में साल दर साल बढ़ रहे अंगदान, 30 फीसदी से ज्यादा बढ़ गया ऑर्गन डॉनेशन