Naresh Bhagoria
26 Jan 2026
रायपुर। रविवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना 9वांं बजट पेश किया है। जिसमें व्यापार, टैक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों का सरकार ने ध्यान रखा है। इसके अलावा वित्त मंत्री ने कई राज्यों के लिए भी कई घोषणाएं की है। इनमें छत्तीसगढ़ सहित ओडिशा और केरल में सरकार ने माइनिंग कॉरिडोर विकसित करने का ऐलान किया है।
दरअसल सरकार का कहना है कि इससे खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा साथ ही रोजगार के भी कई अवसर बनेंगे। जिसका सीधा फायदा राज्य की सैकड़ों आबादी को मिलेगा।
वित्त मंत्री की इस घोषणा पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि केंद्र सरकार लगातार अपने पसंदीदा उद्योगपति को फायदा पहुंचाने में जुटी है। बैज आगे कहते हैं कि सरकार की प्लानिंग है कि अगले ढाई सालों में अपने फेवरेट उद्योगपतियों को बेचने की तैयारी में है। इतना ही नहीं वे यह भी बोले कि प्रदेश में पहले से ही खनन चल रहा है और अब इस फैसले के जरिए पूरे छत्तीसगढ़ को बेचने की तैयारी हो रही है।
दूसरी ओर राज्य के वित्त मंत्री ने इस बजट को भविष्य का बुनियादी ढांचा बताया है। उनका कहना है कि यह बजट देश को साल 2047 तक विकसित करने के लिए बनाया गया है। इसमे गरीबों के लिए कई अच्छी चीजें हैं जिनमें उनका पक्का मकान बनाने के लिए भी अधिक रकम दी गई है। साथ ही रोजगार, व्यवसाय के अहम क्षेत्रों के लिए भी सरकार ने खास ध्यान दिया है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PCC) अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने बजट को छत्तीसगढ़ के साथ धोखा बताते हुए कहा कि इसमें राज्य के लिए कुछ भी ठोस नहीं है। बैज ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने बजट के जरिए छत्तीसगढ़ को ठगने का काम किया है। उन्होंने कहा कि बजट में क्षेत्रीय असमानता साफ तौर पर दिखाई देती है और जिन राज्यों में आने वाले समय में चुनाव होने हैं, वहां राजनीतिक फायदे के लिए विशेष रियायतें दी गई हैं।
पीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि पिछले साल भी सरकार ने दावा किया था कि 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आए हैं, और इस बार भी वही बात दोहराई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने बजट भाषण में झूठे दावे किए हैं। बैज ने कहा कि यह बजट किसानों को ठगने वाला है। सरकार ने न तो पेट्रोल और डीजल के दाम कम किए, और न ही एक्साइज ड्यूटी में कोई कटौती की गई। उन्होंने कहा कि महंगाई से जूझ रही जनता को इस बजट से कोई राहत नहीं मिली है।