हर दिन भागती तेज रफ्तार जिंदगी और डेस्क जॉब की आदतों ने लोगों की फिजिकल एक्टिविटी को काफी हद तक कम कर दिया है। जहां आजकल अधिकांश लोग रात का खाना खाने के बाद तुरंत बेड पर चले जाते हैं या फिर सोफे पर बैठकर टीवी या मोबाइल चलाकर अपना मनोरंजन करते हैं। लेकिन यह वो आदतें हैं जो आपको आराम जरूर देगी लेकिन इसे सेहत के लिए नुकसानदायक मानी जाती हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि रात के भोजन के बाद बिल्कुल निष्क्रिय रहना पाचन और मेटाबॉलिज्म पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसके बजाय अगर डिनर के बाद सिर्फ 10 से 15 मिनट की हल्की सैर कर ली जाए, तो इसका शरीर पर बेहद सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
रात के भोजन के बाद टहलना पाचन को बेहतर बनाने का आसान और असरदार तरीका माना जाता है। हल्की वॉक करने से पेट और आंतों की गतिविधि तेज होती है, जिससे पाचन एंजाइम सक्रिय रूप से काम करने लगते हैं। इसका सीधा फायदा यह होता है कि खाना जल्दी और सही तरीके से पचता है। और पेट लंबे समय तक साफ भी रहता है।
नियमित रूप से डिनर के बाद टहलने वालों को कब्ज, गैस और पेट में भारीपन जैसी समस्याएं कम होती हैं। पाचन तंत्र मजबूत होने से लंबे समय तक पेट से जुड़ी दिक्कतों का खतरा भी घट जाता है।

डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए खाने के बाद टहलना बेहद फायदेमंद माना जाता है। भोजन के तुरंत बाद थोड़ी देर पैदल चलने से शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर होती है, जिससे ब्लड शुगर का स्तर अचानक नहीं बढ़ता। कई रिसर्च में भी सामने आया है कि डिनर के बाद 10–15 मिनट की वॉक करने से टाइप-2 डायबिटीज का जोखिम कम किया जा सकता है और शुगर कंट्रोल में मदद मिलती है।
अगर पेट की जमी हुई चर्बी आपकी परेशानी बनी हुई है, तो डिनर के बाद टहलने की आदत आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है। हल्की वॉक से कैलोरी तेजी से बर्न होती है और मेटाबॉलिज्म सक्रिय बना रहता है, जो रात के समय सामान्य तौर पर धीमा पड़ जाता है। इससे शरीर भोजन से मिलने वाली ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल करता है और अतिरिक्त कैलोरी फैट में बदलकर जमा नहीं हो पाती।

रोजाना टहलना हृदय स्वास्थ्य के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है। यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है। बेहतर ब्लड सर्कुलेशन से धमनियां स्वस्थ रहती हैं, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा काफी हद तक घट जाता है। दिल को फिट रखने का यह एक सरल, सस्ता और असरदार तरीका है।