Naresh Bhagoria
26 Jan 2026
गरियाबंद। छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक बार फिर कानून-व्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो गई है। फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के बकली और दूतकैंया गांव में पुराने धार्मिक विवाद को लेकर दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट, आगजनी और पथराव भी हुआ। हालात काबू से बाहर होते देख पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। फिलहाल गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं।
पुलिस के अनुसार, यह मामला करीब एक साल पुराने धार्मिक विवाद से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि, इस विवाद में शामिल एक आरोपी हाल ही में जेल से रिहा होकर गांव लौटा था। जेल से छूटने के बाद आरोपी ने गांव पहुंचते ही कुछ ग्रामीणों के साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी। इस घटना से गांव में तनाव फैल गया और देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। ग्रामीणों का आरोप है कि, आरोपी और उसके साथियों ने पहले भी गांव में लूटपाट, मारपीट और शिव मंदिर में तोड़फोड़ की थी, जिसको लेकर मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
रविवार को सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ विवाद कुछ ही घंटों में उग्र हो गया। गुस्साए ग्रामीणों ने आरोपी पक्ष से जुड़े चार घरों में आग लगा दी। इसके अलावा तीन से चार वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया गया। आगजनी की घटना से गांव में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, राहत की बात यह रही कि अब तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कई लोगों को चोटें आई हैं।
हिंसा की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की। इसी दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर भी ईंट-पत्थर फेंके। इस हमले में एक पुलिसकर्मी समेत कुछ स्थानीय लोग घायल हुए। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। हालात की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग और एंबुलेंस को भी मौके पर बुलाया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही रायपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अमरेश मिश्रा देर रात मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा की और गांव में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने के निर्देश दिए।
गरियाबंद के पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने बताया कि आरिफ नामक एक पुराने आरोपी की शिकायत के बाद यह पूरा विवाद शुरू हुआ। आरोपी ने न सिर्फ अपने गांव बल्कि दूसरे गांव में जाकर भी विवाद किया, जिसके संबंध में राजिम थाने में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन पर भी कार्रवाई की जाएगी। एसपी ने कहा कि आरोपियों की गतिविधियों से नाराज ग्रामीणों ने उनके घरों की घेराबंदी की, जिसके बाद मामला हिंसक रूप ले बैठा।
हिंसा के बाद पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। बड़ी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं। गांव और आसपास के इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर इंटरनेट और अफवाहों पर भी नजर बढ़ा दी है। लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी भ्रामक सूचना पर ध्यान न देने की अपील की गई है।
घायल ग्रामीण रेखराम यादव ने बताया, मैं अपने दोस्त के साथ बाइक से काम पर गया था, तभी कुछ कार सवार लोगों ने हम पर पत्थर से हमला कर दिया।
वहीं गांव के जितेंद्र यादव का कहना है कि, यह पूरा मामला शिव मंदिर तोड़ने से जुड़ा है, जिसका केस कोर्ट में चल रहा है। उनका आरोप है कि जेल से छूटने के बाद आरोपी दोबारा गांव में दहशत फैलाने लगे।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, करीब चार महीने पहले गांव से कुछ अपराधियों का वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे राहगीरों से लूटपाट और मारपीट करते दिखे थे। उस समय पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।