Naresh Bhagoria
26 Jan 2026
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की सूचना मिल रही है। जिले के दक्षिणी क्षेत्र में सशस्त्र माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता जानकारी के आधार पर सुरक्षाबलों ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान बीजापुर से जिला रिजर्व गार्ड (DRG) की टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली।
सुबह करीब 7 बजे से डीआरजी और माओवादियों के बीच रुक-रुककर फायरिंग जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन समाप्त होने के बाद मीडिया को विस्तृत जानकारी आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी।
बीजापुर में तीन दिन पहले नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाते हुए जंगल में प्रेशर बम लगाए थे। कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के जंगलों में नक्सल विरोधी ऑपरेशन के दौरान हुए इन धमाकों में कुल 11 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार घायलों में 10 जवान राज्य पुलिस की इकाई जिला रिजर्व गार्ड (DRG) के 1 जवान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की कोबरा बटालियन का था। कोबरा बटालियन के घायल जवान की पहचान कोबरा 210वीं बटालियन के उप-निरीक्षक रुद्रेश सिंह के रूप में हुई थी।
अधिकारियों ने बताया कि उप-निरीक्षक रुद्रेश सिंह और डीआरजी के दो जवानों को पैरों में गंभीर चोटें आई थीं, जबकि तीन अन्य सुरक्षाकर्मियों की आंखों में छर्रे लगे थे। सभी घायलों को इलाज के लिए रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है।
नवंबर 2025 में सुरक्षाबलों ने उसूर थाना क्षेत्र के ताड़पाला गांव में अपना कैंप स्थापित किया था। यह इलाका लंबे समय तक माओवादियों का सुरक्षित और मजबूत ठिकाना माना जाता रहा है।
पिछले वर्ष अप्रैल-मई में केंद्रीय और राज्य सुरक्षाबलों ने कर्रेगुट्टा पहाड़ियों के आसपास घने जंगलों में 21 दिनों तक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया था। इस ऑपरेशन में करीब 31 नक्सलियों को मार गिराया गया था।
अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने 35 हथियार, 450 बारूदी सुरंगें, बड़ी संख्या में डेटोनेटर और विस्फोटक लगभग 12 हजार किलो सामग्री (जिसमें मेडिकल सामान, बिजली उपकरण और नक्सली साहित्य शामिल था) जब्त की थी।