Naresh Bhagoria
4 Feb 2026
Naresh Bhagoria
4 Feb 2026
Aakash Waghmare
4 Feb 2026
डिजिटल डेस्क। मणिपुर की राजनीति में एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सत्ता में वापसी कर ली है। बुधवार को राज्य में नई सरकार का गठन हुआ, जिसमें युमनाम खेमचंद ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राजभवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। खेमचंद के नेतृत्व में बनी इस सरकार को राज्य में स्थिरता और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार में क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए दो उपमुख्यमंत्री भी बनाए गए हैं। कुकी समुदाय से आने वाली भाजपा विधायक नेमचा किपगेन ने वर्चुअल माध्यम से उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वहीं नागा पीपुल्स फ्रंट (NPF) के विधायक एल. डिखो को भी उपमुख्यमंत्री बनाया गया है, जिससे सरकार में विभिन्न समुदायों की भागीदारी सुनिश्चित करने की कोशिश की गई है। नई कैबिनेट में भाजपा के गोविंदास कोंथौजम और नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के के. लोकेन सिंह को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दोनों नेताओं ने राज्यपाल के समक्ष पद और गोपनीयता की शपथ ली। नई सरकार से राज्य में शांति, विकास और प्रशासनिक मजबूती को लेकर उम्मीदें जताई जा रही हैं।
पिछले साल नौ फरवरी को मेइती और कुकी समुदायों के बीच महीनों तक जारी रही जातीय हिंसा के बाद बीरेन सिंह के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार ने इस्तीफे दे दिया था, जिसके बाद 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। मणिपुर में तब से, इस हिंसा में कुकी और मेइती दोनों समुदायों के सदस्यों के साथ-साथ सुरक्षाकर्मियों सहित कम से कम 260 लोग मारे गए हैं, जबकि हजारों लोग बेघर हुए हैं।
मणिपुर की नई सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विश्वास बहाली होगी। विस्थापित लोगों का पुनर्वास और सामाजिक समरसता स्थापित करना अहम होगा। कानून-व्यवस्था को मजबूत करना और सुरक्षा बलों तथा स्थानीय समुदायों के बीच तालमेल बनाना जरूरी रहेगा। साथ ही राज्य की आर्थिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करना, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना और बुनियादी ढांचे को सुधारना भी बड़ी प्राथमिकता होगी।