इंदौर में पहली बार फेस रिकग्निशन से निगरानी-झांकियों में हुड़दंगियों की खैर नहीं!

25 सितंबर के झांकी-अखाड़ा चल समारोह में ड्रोन, CCTV के साथ पहली बार फेस रिकग्निशन कैमरों से निगरानी; नशे में चालक मिला तो वाहन चलाने की अनुमति नहीं
इंदौर में पहली बार फेस रिकग्निशन से निगरानी-झांकियों में हुड़दंगियों की खैर नहीं!
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इंदौर। अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर को निकलने वाले इंदौर के ऐतिहासिक झांकी और अखाड़ा चल समारोह को लेकर पुलिस ने सुरक्षा का विस्तृत खाका तैयार कर लिया है। इस बार सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक का दायरा बढ़ाते हुए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के साथ पहली बार फेस रिकग्निशन कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। जुलूस के मार्ग और प्रमुख भीड़भाड़ वाले स्थानों पर इन कैमरों से निगरानी रखी जाएगी। संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर पुलिस की विशेष नजर रहेगी।चल समारोह की तैयारियों को लेकर मंगलवार को पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने अभय प्रशाल में झांकियों और अखाड़ों के आयोजकों के साथ बैठक की। इसमें पुलिस अधिकारियों ने आयोजकों से झांकियों के क्रम, रूट, समय, वाहनों की संख्या, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी ली। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चल समारोह के दौरान निर्धारित रूट और समय में बिना अनुमति बदलाव नहीं किया जा सकेगा।

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हर वाहन और चालक की होगी जांच

चल समारोह में शामिल होने वाले वाहनों को लेकर पुलिस विशेष सतर्कता बरतेगी। आयोजकों को सभी वाहनों की पहले से मैकेनिकल जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रत्येक वाहन में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स और स्ट्रेचर जैसे जरूरी संसाधन उपलब्ध रखने को कहा गया है।वाहनों को चलाने वाले ड्राइवरों के प्रशिक्षित होने की भी जांच की जाएगी। पुलिस का विशेष जोर चालकों की सुरक्षा जांच पर रहेगा, ताकि चल समारोह के दौरान किसी तरह की दुर्घटना की स्थिति न बने।

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ब्रेथ एनालाइजर से होगी ड्राइवरों की जांच

झांकी और अखाड़ों के वाहनों के चालकों की ब्रेथ एनालाइजर से जांच की जाएगी। शराब का सेवन किए हुए पाए जाने पर चालक को वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित चालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।पुलिस का उद्देश्य चल समारोह में शामिल वाहनों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है, क्योंकि बड़ी संख्या में लोग झांकियों और अखाड़ों के साथ मौजूद रहते हैं।

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वालंटियर्स को भी मिलेगी जिम्मेदारी

पुलिस ने आयोजकों से सभी पदाधिकारियों और वालंटियर्स की सूची मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध कराने को कहा है। प्रत्येक आयोजन स्थल और झांकी के साथ पर्याप्त संख्या में वालंटियर्स तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।वालंटियर्स को पहले से भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी समझाने को कहा गया है, ताकि किसी भी स्थिति में पुलिस और आयोजकों के बीच तत्काल समन्वय बनाया जा सके।

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बारिश को देखते हुए बिजली व्यवस्था की भी जांच

अनंत चतुर्दशी के दौरान बारिश की संभावना को देखते हुए झांकियों में विद्युत व्यवस्था की विशेष जांच की जाएगी। विद्युत उपकरणों, साउंड सिस्टम और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं के लिए वैकल्पिक इंतजाम रखने के निर्देश दिए गए हैं।पुलिस ने आयोजकों से यह भी कहा है कि साउंड सिस्टम का इस्तेमाल निर्धारित डेसीबल सीमा के भीतर ही किया जाए।

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चेहरों से पहचानेंगे संदिग्ध

इस बार पुलिस की निगरानी व्यवस्था में फेस रिकग्निशन तकनीक को भी शामिल किया गया है। संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में लगाए जाने वाले फेस रिकग्निशन कैमरों के जरिए संदिग्ध और असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जाएगी।पुलिस का जोर ऐसे लोगों की पहचान और निगरानी पर रहेगा, जिनसे चल समारोह के दौरान व्यवधान की आशंका हो। इसके अलावा ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी जुलूस के मार्ग और प्रमुख स्थानों की निगरानी की जाएगी।

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ऐतिहासिक परंपरा को सुरक्षित रखने पर जोर

पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने आयोजकों से कहा कि अनंत चतुर्दशी का झांकी और अखाड़ा चल समारोह इंदौर की ऐतिहासिक और गौरवशाली परंपरा है। इसे सुरक्षित और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस और आयोजन समितियों के बीच लगातार समन्वय जरूरी है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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