रोसस्टैट हैक से खुलासा- यूक्रेन युद्ध में रूस के 3.94 लाख से 4.50 लाख लोगों की मौत का दावा

कीव। रूस की 'फेडरल स्टेट स्टैटिस्टिक्स सर्विस' (रोसस्टैट) से कथित तौर पर हासिल किए गए मृत्यु रिकॉर्ड के आधार पर दावा किया गया है कि फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर हमला शुरू होने के बाद से रूस की ओर से लड़ने वाले या किसी अन्य तरह से युद्ध से जुड़े 394,000 से 450,000 लोगों की मौत हो चुकी है। दो हैकर समूहों ने जारी किए अनुमान 'बेलारूसी साइबरपार्टिसन्स' और 'साइलेंट क्रो' ने रोसस्टैट पर साइबर हमले की जिम्मेदारी ली है। इन दोनों समूहों ने 7 नवंबर को ये अनुमान सार्वजनिक किए। उनके मुताबिक उन्हें एजेंसी के आंतरिक जनसांख्यिकी डेटाबेस तक पहुंच मिली थी, जिसमें फरवरी 2022 से अगस्त 2026 के बीच दर्ज किए गए मृत्यु प्रमाण पत्रों का डेटा मौजूद था। 'बेलारूसी साइबरपार्टिसन्स' ने उन रिकॉर्ड्स के आधार पर कम से कम 393,881 मौतों का अनुमान लगाया है, जिनमें मौत का कारण स्पष्ट रूप से सैन्य अभियान बताया गया था। वहीं, 'साइलेंट क्रो' ने यह संख्या 450,100 बताई है।
कई कारणों से हुई मौतों को डेटा में शामिल किया
इस समूह ने ज्यादा व्यापक तरीका अपनाया, जिसमें सैन्य कर्मियों की युद्ध के अलावा अन्य कारणों से हुई मौतें और बिना किसी स्पष्ट कारण के दर्ज की गई कुछ मौतें भी शामिल की गईं। अभी पुष्टि नहीं हुई है 'द कीव इंडिपेंडेंट' ने कहा है कि वह लीक हुए इन रिकॉर्ड्स या मौतों के अनुमानों की सत्यता की तुरंत पुष्टि नहीं कर सका है।
यूक्रेन के कितने इलाके पर रूस का कब्जा
यूक्रेन के ओपन-सोर्स मैपिंग प्रोजेक्ट 'डीपस्टेट' के डेटा पर आधारित अनुमानों के अनुसार, फरवरी 2022 में पूर्ण पैमाने पर आक्रमण शुरू करने के बाद से रूस ने यूक्रेन के लगभग 73,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर अपना नियंत्रण कर लिया है। अगर 'साइलेंट क्रो' के 450,100 मौतों के अनुमान से तुलना की जाए, तो कब्जे वाले हर वर्ग किलोमीटर इलाके में लगभग छह मौतें होती हैं। हालांकि, इन मौतों के आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। हैकर्स ने बताया कि उन्होंने हमला करने से करीब छह महीने पहले ही 'रोसस्टैट' के नेटवर्क तक पहुंच बना ली थी। उन्होंने 31 अक्टूबर और 1 नवंबर की रात को एजेंसी के IT इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने से पहले, व्यवस्थित तरीके से उसके आंतरिक दस्तावेज और अन्य डेटा जुटाए थे।
माना सायबर हमले हुए थे
'रोसस्टैट' ने माना कि 29 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच उसके सिस्टम पर साइबर हमले हुए थे, लेकिन उसने इस बात से इनकार किया कि उसके डेटाबेस के साथ कोई छेड़छाड़ हुई है या कोई जानकारी लीक हुई है। बाद में एजेंसी ने बताया कि उसकी कुछ सेवाओं में रुकावट आई है, जिसके चलते कुछ सांख्यिकीय डेटा जमा करने की समय-सीमा बढ़ा दी गई है। रूस यूक्रेन में अपने सैन्य नुकसान का खुलासा नहीं करता है। इससे मरने वालों की संख्या का स्वतंत्र आकलन करना मुश्किल हो जाता है। 6 नवंबर तक, स्वतंत्र रूसी मीडिया आउटलेट 'मीडियाजोना' ने BBC रशियन और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर, ओपन-सोर्स रिसर्च के जरिए यूक्रेन में मारे गए 285,881 रूसी सैनिकों की पहचान की है।
ज्यादा हो सकती है मौतों की संख्या
पत्रकारों ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि उनकी सत्यापित गिनती अधूरी है और मरने वालों की असली संख्या इससे कहीं ज्यादा है। ये अनुमान ऐसे समय में सामने आए हैं, जब रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच बातचीत का एक और दौर होने वाला है। यह बातचीत मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबू धाबी में होगी, क्योंकि युद्ध खत्म करने के रास्ते तलाशने की कोशिशें जारी हैं। यह बातचीत ट्रंप प्रशासन की मध्यस्थता में होने वाला चौथा दौर होगा। इससे पहले की बैठक फरवरी में जिनेवा में हुई थी। शांति पहल का समर्थन कर रहे पश्चिमी देश इस गतिरोध को तोड़ने के लिए एक नया फॉर्मूला तलाश रहे हैं, हालांकि क्षेत्र और सुरक्षा से जुड़े अहम मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं।




















