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अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे बच्चों के साथ मनेगी दिवाली, 'हम हैं न फाउंडेशन' बांटेगा खुशियां

जबलपुर के विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती सिकल सेल और थैलेसीमिया से पीड़ित करीब 25 बच्चों की दिवाली खास होने वाली है। 'हम हैं न फाउंडेशन' के सदस्य बच्चों के बीच पहुंचकर उन्हें नए कपड़े, खिलौने, पढ़ाई की सामग्री और उपहार देंगे। संस्था का उद्देश्य बीमारी से जूझ रहे मासूमों के चेहरों पर मुस्कान लाना और उन्हें त्योहार की खुशियों से जोड़ना है।
अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहे बच्चों के साथ मनेगी दिवाली, 'हम हैं न फाउंडेशन' बांटेगा खुशियां

जबलपुर। दिवाली का त्योहार ज्यादातर लोगों के लिए खुशियों, रोशनी और अपनों के साथ जश्न मनाने का मौका होता है। लेकिन कुछ ऐसे बच्चे भी हैं, जिनकी दिवाली अस्पताल के बिस्तर पर बीतती है। सिकल सेल और थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे इन बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए जबलपुर की 'हम हैं न फाउंडेशन' ने खास पहल की है। संस्था के सदस्य इस बार विक्टोरिया अस्पताल पहुंचकर करीब 25 बच्चों के साथ दिवाली मनाएंगे। इस दौरान बच्चों को नए कपड़े, खिलौने और उपहार देकर त्योहार की खुशियां बांटी जाएंगी।

अस्पताल में बच्चों के बीच पहुंचेगी संस्था की टीम

संस्था के सदस्य आशीष विश्वकर्मा ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी 'हम हैं न फाउंडेशन' की टीम विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती बच्चों के बीच पहुंचेगी। इनमें करीब 25 बच्चे सिकल सेल, थैलेसीमिया और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। संस्था का उद्देश्य इन बच्चों को यह एहसास कराना है कि वे अकेले नहीं हैं और त्योहार की खुशियों में उनकी भी बराबर की हिस्सेदारी है। गंभीर बीमारियों के कारण जो बच्चे सामान्य तरीके से त्योहार नहीं मना पाते, उनके लिए संस्था के सदस्य अस्पताल में ही दीपावली का माहौल तैयार करेंगे।

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पटाखों की जगह मिलेंगे खिलौने, कपड़े और पढ़ाई का सामान

संस्था के सदस्यों ने बच्चों के लिए खास तैयारियां की हैं। इस बार उन्हें पटाखों की जगह खिलौने, नए कपड़े, पढ़ाई की सामग्री और उपहार दिए जाएंगे। संस्था का मानना है कि इन छोटे-छोटे प्रयासों से बच्चों के जीवन में खुशियों के कुछ पल जोड़े जा सकते हैं और बीमारी के बीच उन्हें त्योहार का आनंद मिल सकता है।

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पिछले साल की यादें, इस बार भी बच्चों को इंतजार

सिकल सेल से पीड़ित 8 वर्षीय गरिमा (बदला हुआ नाम) ने बताया कि पिछले साल भी दिवाली पर संस्था के सदस्य अस्पताल आए थे। उन्होंने बच्चों को मिठाइयां और कपड़े दिए थे। गरिमा के मुताबिक, उस दिन सभी बच्चों को बहुत अच्छा लगा था। उसने बताया कि इस बार भी वह और उसके दोस्त संस्था के सदस्यों के आने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

संस्था के सदस्यों ने की पूरी तैयारी

'हम हैं न फाउंडेशन' के सदस्य आशीष विश्वकर्मा ने बताया कि इस आयोजन को लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। इसमें उनके साथ शरद विश्वकर्मा, रत्नेश राय, प्रशस विश्वकर्मा, शुभम वैद्य, राम मिश्रा, जितेंद्र श्रीपाल, अंकित पटेल, देवांशु विश्वकर्मा और अन्य सदस्य सहयोग कर रहे हैं। संस्था ने शहर के सक्षम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपनी सामर्थ्य के अनुसार इस पहल में सहयोग करें, ताकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे बच्चों के जीवन में खुशियों के कुछ और पल जोड़े जा सकें।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...

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