‘पेट्रोल नहीं है’... वकील से मारपीट के आरोप में बड़ा एक्शन, जहांगीराबाद SHO समेत 3 पुलिसकर्मियों पर गिरी गाज

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन अहिरवार और दो अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब मंगलवार देर रात बड़ी संख्या में वकील जहांगीराबाद थाने के बाहर पहुंच गए और पुलिसकर्मियों पर अपने साथी अधिवक्ता के साथ मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
थाना प्रभारी समेत 3 पुलिसकर्मी निलंबित
मामले में अब पुलिस विभाग ने कार्रवाई करते हुए जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन अहिरवार समेत दो अन्य पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबन की कार्रवाई के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वकीलों की ओर से पहले ही थाना प्रभारी और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही थी। अब विभागीय स्तर पर कार्रवाई होने के बाद आगे की जांच पर नजर बनी हुई है।
करीब 50 वकील थाने के बाहर पहुंचे
मंगलवार रात करीब 50 अधिवक्ता जहांगीराबाद थाने के बाहर एकत्र हुए थे। वकीलों ने अपने साथी अधिवक्ता राकेश रावल के साथ कथित मारपीट का विरोध किया। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही। वकीलों का आरोप था कि अधिवक्ता के साथ पुलिसकर्मियों ने पहले बदसलूकी की और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में नाराजगी बढ़ गई और वे देर रात तक थाने के बाहर मौजूद रहे।
अधिवक्ता ने बताई घटना की पूरी कहानी
शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश रावल ने आरोप लगाया कि मंगलवार शाम करीब 8 बजे वह खटलापुरा मंदिर की तरफ से अपने वाहन से जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया और उन्हें थाने चलने के लिए कहा। राकेश रावल के मुताबिक, उन्होंने पुलिसकर्मियों को बताया कि उनके वाहन में पेट्रोल नहीं है। आरोप है कि इसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो विवाद बढ़ गया। अधिवक्ता का आरोप है कि इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें सड़क किनारे कीचड़ में पटक दिया और डंडों से मारपीट की। इस घटना में उनके पैरों में चोट आने की बात कही गई है।
सागर में जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी का एनकाउंटर! पैर में लगी गोली; साथी भी घायल
चोटों का वीडियो भी किया जारी
घटना के बाद वकीलों की ओर से एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में अधिवक्ता राकेश रावल के पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। उनके कपड़े भी कीचड़ से सने हुए नजर आ रहे हैं। वकीलों ने इसी वीडियो को आधार बनाकर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
भोपाल में स्वाइन फ्लू का बढ़ा खतरा, H1N1 से दो की मौत; मरीजों की संख्या 72 पहुंची
वकीलों ने की निष्पक्ष जांच की मांग
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना था कि पुलिस और वकील दोनों कानून व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण हिस्से हैं। ऐसे में किसी भी विवाद की निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने मांग की कि घटना के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जाए और उपलब्ध वीडियो व अन्य साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जाए। वकीलों का कहना था कि उनके साथी के साथ यदि नियमों के विपरीत व्यवहार या मारपीट हुई है, तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए।
एडिशनल सीपी ने दी थी जांच की जानकारी
मामले को लेकर एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा था कि पुलिस घटना से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों की ओर से मामले के सभी पहलुओं को देखने की बात कही गई थी। शिकायत, वीडियो और घटनाक्रम से जुड़ी अन्य जानकारी के आधार पर जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही थी।
कार्रवाई के बाद अब जांच पर नजर
फिलहाल इस पूरे मामले में अधिवक्ता की ओर से पुलिसकर्मियों पर लगाए गए आरोप और उसके बाद हुई विभागीय कार्रवाई चर्चा में है। निलंबन के बाद अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर सबकी नजर रहेगी। पुलिस और संबंधित अधिकारियों की जांच के आधार पर ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।



















