‘पेट्रोल नहीं है’ कहा तो भड़के पुलिसकर्मी? पुलिस पर वकील को बेरहमी से पीटने का आरोप, जमकर हुआ हंगामा

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी में मंगलवार देर रात जहांगीराबाद थाने के बाहर उस वक्त हंगामा हो गया, जब करीब 50 वकील अपने साथी अधिवक्ता के साथ कथित मारपीट के विरोध में थाने पहुंच गए। प्रदर्शन कर रहे वकीलों ने पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी और मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने मामले में थाना प्रभारी राजन अहिरवार और संबंधित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। वकीलों का कहना है कि उनके साथी अधिवक्ता राकेश रावल के साथ पुलिसकर्मियों ने पहले बदसलूकी की और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की गई। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी जुटाई जा रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
रात तक थाने के बाहर डटे रहे वकील
बड़ी संख्या में अधिवक्ता जहांगीराबाद थाने पहुंचे। देखते ही देखते करीब 50 वकील थाने के बाहर जमा हो गए। उन्होंने पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई और आरोपी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना था कि अगर किसी पुलिसकर्मी ने उनके साथी के साथ मारपीट की है, तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई होनी चाहिए। वकीलों ने मामले को गंभीर बताते हुए अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की। थाने के बाहर काफी देर तक वकीलों और पुलिस अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा।
अधिवक्ता ने सुनाई पूरी घटना
शिकायतकर्ता अधिवक्ता राकेश रावल की उम्र करीब 45 साल बताई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंगलवार शाम करीब 8 बजे वह खटलापुरा मंदिर की तरफ से अपने वाहन से आ रहे थे। राकेश रावल के मुताबिक, इसी दौरान रास्ते में पुलिसकर्मियों ने उनका वाहन रोक लिया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें थाने चलने के लिए कहा। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके वाहन में पेट्रोल नहीं है। आरोप है कि इसी बात को लेकर पुलिसकर्मियों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। राकेश रावल ने जब इसका विरोध किया तो मामला और बढ़ गया। अधिवक्ता का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उन्हें कीचड़ में पटक दिया और डंडों से मारपीट की। इसके बाद उनके पैरों पर चोटें आईं।
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चोटों का वीडियो भी किया जारी
घटना के बाद वकीलों की ओर से एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में अधिवक्ता राकेश रावल के पैरों पर चोट के निशान दिखाई दे रहे हैं। उनके कपड़े भी कीचड़ से सने हुए नजर आ रहे हैं। वकीलों ने इसी वीडियो को आधार बनाकर पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
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थाना प्रभारी पर भी कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने जहांगीराबाद थाना प्रभारी राजन अहिरवार और उनके साथ मौजूद पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। वकीलों का आरोप है कि उनके साथी के साथ जिस तरह से व्यवहार किया गया, वह उचित नहीं था। उन्होंने अधिकारियों से मामले की जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने की मांग रखी।
एडिशनल सीपी ने क्या कहा?
मामले को लेकर एडिशनल सीपी शैलेंद्र सिंह चौहान का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि घटना के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी तथ्यों को देखा जा रहा है। शिकायत, उपलब्ध वीडियो और घटना से जुड़ी अन्य जानकारी के आधार पर स्थिति को समझने की कोशिश की जा रही है।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल इस मामले में वकीलों की ओर से पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दूसरी ओर, पुलिस अधिकारियों ने मामले की जानकारी जुटाने की बात कही है।

















