अमेरिका का नया टैरिफ आदेश : भारत समेत 92 देशों पर 10% से 41% तक टैरिफ, 7 अगस्त से होंगे लागू

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया के देशों पर टैरिफ हथियार चला दिया है। इस बार 92 देशों पर 10% से 41% तक के नए रेसिप्रोकल टैरिफ लगाए गए हैं। भारत पर 25% और पाकिस्तान पर 19% टैरिफ तय किया गया है। ट्रंप सरकार का यह फैसला 7 अगस्त 2025 से लागू होगा, जिसे पहले 1 अगस्त से लागू किया जाना था।
भारत पर 25% टैरिफ
भारत पर 25% टैरिफ का सीधा असर स्टील, एल्यूमीनियम, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ज्वेलरी सेक्टर पर पड़ेगा। अमेरिका की दलील है कि भारत रूस से तेल और रक्षा उपकरण खरीद रहा है, इसलिए उसे 'जुर्माने' के रूप में यह टैरिफ झेलना होगा।
भारत की प्रतिक्रिया
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा है कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। मंत्री पीयूष गोयल ने संसद में कहा- देशहित में कोई भी फैसला लेने से पीछे नहीं हटेंगे।
भारत-अमेरिका विवाद के चार बड़े कारण
डेयरी उत्पादों पर मतभेद:
अमेरिका के डेयरी उत्पाद धार्मिक-सांस्कृतिक वजहों से भारत में विवादास्पद हैं। भारत मांसाहारी चारे वाले पशुओं के दूध से बने उत्पादों को मंजूरी नहीं देना चाहता।
अमेरिकी दबाव:
अमेरिका चाहता है कि भारत अपने कृषि और डेयरी सेक्टर को खोल दे, जबकि भारत इसे घरेलू किसानों के हितों के खिलाफ मानता है।
बाजार पहुंच को लेकर गतिरोध:
भारत अपने गहने, कपड़े और चमड़े के उत्पादों के लिए अमेरिकी बाजार में बेहतर पहुंच चाहता है, लेकिन अमेरिका इसका बदला अपने कृषि उत्पादों की एंट्री से करना चाहता है।
आर्थिक स्वायत्तता:
भारत स्पष्ट कर चुका है कि वह ऐसी कोई भी डील नहीं करेगा जो केवल अमेरिका के फायदे के लिए हो।
पाकिस्तान पर सबसे कम टैरिफ
पाकिस्तान पर पहले 29% टैरिफ था, जिसे घटाकर अब 19% कर दिया गया है। दक्षिण एशिया में यह सबसे कम टैरिफ है। पाकिस्तान के लिए यह कपड़ा निर्यात में बड़ा लाभ बन सकता है। भारत, बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देश जहां 20-25% टैरिफ झेल रहे हैं, वहीं पाकिस्तान को इस कम दर का रणनीतिक फायदा मिलेगा।
राजनीतिक समीकरण:
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती रणनीतिक नजदीकियों का संकेत है। पाकिस्तान ने हाल ही में ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए भी नामांकित किया था।
सबसे अधिक टैरिफ वाले देश: सीरिया, म्यांमार, लाओस
सीरिया पर 41% टैरिफ
लाओस और म्यांमार पर 40%
इन पर अमेरिका को संदेह है कि ये देश ‘चीन के रास्ते’ अमेरिकी टैरिफ से बचने में मदद कर रहे हैं। विशेष रूप से लाओस से अमेरिका का आयात हाल के महीनों में दोगुना हो गया है।
अमेरिका का नया कस्टम ट्रैकिंग सिस्टम
- अब अमेरिका हर देश के लिए अलग-अलग टैरिफ और ट्रैकिंग करेगा।
- कोई भी माल अगर ‘थर्ड पार्टी देश’ के जरिए भेजा गया तो उस पर सीधे 40% टैरिफ लगेगा।
- अगर पेपर्स में एक देश लिखा है लेकिन माल दूसरे देश से आया है, तो ट्रैकिंग सिस्टम उसे पकड़ लेगा।
उदाहरण:
म्यांमार से भेजे माल के दस्तावेज़ों में अगर थाईलैंड लिखा है, तो वह फ्लैग कर दिया जाएगा।
किन देशों को मिली राहत और किससे हुए सौदे
|
देश |
नया टैरिफ (%) |
समझौते/बदलाव |
|
ब्रिटेन |
10–25 |
स्टील-एल्यूमीनियम पर राहत |
|
जापान |
15 |
अमेरिकी कार और चावल के लिए बाजार खोला |
|
दक्षिण कोरिया |
15 |
ऊर्जा खरीद और निवेश |
|
वियतनाम |
20 |
टेक्सटाइल पर असर |
|
फिलीपींस |
19 |
संतुलित व्यापार समझौता |
|
इंडोनेशिया |
19 |
अमेरिकी माल पर छूट |
कुछ और खास बातें
- चीन पर मई 2025 के एक्सिक्यूटिव ऑर्डर 14298 के तहत पहले से टैरिफ लागू हैं, उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
- कनाडा पर 35% टैरिफ लागू हुआ है क्योंकि उसने फिलिस्तीन को स्वतंत्र राष्ट्र मान्यता दी।
- जो सामान 7 अगस्त से पहले अमेरिका पहुंच चुका होगा, उस पर पुराने नियम लागू होंगे (5 अक्टूबर तक)।
ये भी पढ़ें: अमेरिका और पाकिस्तान में ऑयल डील, ट्रंप बोले- एक दिन भारत को भी तेल बेच सकता है पाक











