भारत में शादी-विवाह अलग-अलग धर्मों और रीति-रिवाजों के अनुसार होता है। हर धर्म और रीति-रिवाज में अलग रस्में होती हैं, जो रिश्ते की पवित्रता को दर्शाती हैं। हिंदू विवाह में भी सात फेरे, मंगलसूत्र और मांग में सिंदूर लगाने से पहले जो रस्म निभाई जाती है, उसे गठबंधन कहते हैं।यह शादी का एक ऐसा चरण है, जिसके बिना विवाह अधूरा माना जाता है।
गठबंधन का अर्थ है दूल्हा और दुल्हन को पवित्र बंधन में जोड़ना। इस रस्म में दुल्हन की चुनरी और दूल्हे के पटके को दुपट्टे से मजबूती के साथ बांधा जाता है। माना जाता है कि यह गांठ हमेशा बनी रहे, क्योंकि यह विश्वास, प्यार और साथ निभाने का वचन दर्शाती है।
गठबंधन पति-पत्नी के रिश्ते को मजबूत बनाने का संकेत है। इसका अर्थ है कि दोनों एक-दूसरे का सम्मान करेंगे, भरोसा बनाए रखेंगे और हर परिस्थिति में साथ निभाएंगे। साफ और पवित्र कपड़े से गांठ बांधना यह दर्शाता है कि रिश्ता ईमानदारी और पवित्रता के साथ आगे बढ़ेगा।