हैदराबाद। बिहार की नीतीश सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार हो चुका है। जिसमें भाजपा-जेडीयू सहित कई सहयोगी दलों के बीच विभागों का बंटवारा किया गया। विस्तार से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को JDU के साथ ही NDA ने सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना था। इसी बीच हैदराबाद से सांसद और AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने अपनी रैली से कहा है कि वो नीतीश कुमार सरकार को समर्थन देंगे, लेकिन इसके लिए उन्होंने एक शर्त भी रखी है।
ओवैसी ने आमौर में एक जनसभा को संबोधित किया। यहां वे बोले कि सीमांचल को उसका हक मिले। साथ ही बताया कि सीमांचल दशकों से उपेक्षा का शिकार हो रहा है। लेकिन अब स्थिति सुधरना चाहिए। वहीं बिहार हाल ही के विधानसभा चुनाव में सीमांचल इलाके में NDA ने 14 सीटें जीती हैं। जबक ओवैसी के नेतृत्व वाली AIMIM ने इन इलाकों में 5 सीटें जीतने में सफल रही। बात करे साल में 2020 की तो तब भी उनकी पार्टी ने यहां 5 सीटें जीती थीं, लेकिन उस वक्त 4 विधायक आरजेडी में शामिल हो गए थे। इससे पार्टी को नुकसान उठाना पड़ा था।
वहीं इस रैली में ओवैसी ने आगे कहा कि हम नीतीश कुमार की सरकार को समर्थन देने को राजी हैं। सिर्फ पटना और राजगीर तक विकास सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई की सीमांचल के इलाके पलायन, भ्रष्टाचार समेत मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं।
इसके अतिरिक्त उन्होंने स्पष्ट किया है कि अपने चुने हुए विधायकों के कामों पर पूरी नजर बनाए रखेंगे। चुने हुए पांचों विधायक हफ्ते में दो दिन अपने ऑफिस में बैठेंगे। साथ ही अपनी लाइव लोकेशन भी मुझसे शेयर करने को कहा है।