Naresh Bhagoria
15 Jan 2026
सुकमा/हैदराबाद । नक्सलियों के खिलाफ अभियान के बीच सुरक्षाबलों को शनिवार को बड़ी सफलता मिली। छत्तीसगढ़ और तेलंगाना की सीमा पर 37 नक्सलियों के दल ने तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इनमें 20-20 लाख के इनामी तीन राज्य समिति के सदस्य कोय्याल सांब्य्या उर्फ आजाद, अप्पासी नारायण उर्फ रमेश और मुचाकी सोमड़ा उर्फ एर्रा भी शामिल हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में 25 महिला नक्सली भी शामिल हैं। एर्रा को लंबे समय से हिड़मा का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता था। सरेंडर लिस्ट में 3 स्टेट कमेटी सदस्य, 3 डिवीजनल कमेटी सदस्य, 9 एरिया कमेटी मेंबर और 22 पार्टी कमेटी सदस्य शामिल हैं। इन सभी पर कुल 1 करोड़ 40 लाख रुपए इनाम घोषित था। ये सभी तेलंगाना-दक्षिण बस्तर क्षेत्र में सक्रिय थे। पुलिस के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वाले अपने साथ एक एके-47, दो एसएलआर, चार 303 रायफल सहित अन्य हथियार लेकर पहुंचे हैं।
आजाद ने आत्मसमर्पण के दौरान कहा कि वह लंबे समय से मुख्यधारा में लौटना चाहते थे और संगठन को इसकी जानकारी देकर ही आए हैं। तेलंगाना पुलिस की प्रेस विज्ञप्ति ने कैडरों के हवाले से कहा गया है कि वे तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की 21 अक्टूबर की अपील से प्रभावित हुए। मुख्यमंत्री ने माओवादियों से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने और राज्य के विकास में भागीदारी करने की अपील की थी।
तेलंगाना पुलिस ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक 465 माओवादी कैडर सरेंडर कर चुके हैं, जिनमें 2 सेंट्रल कमिटी मेंबर और 11 स्टेट कमिटी मेंबर भी शामिल हैं। संगठन की संरचना लगातार कमजोर हो रही है। नेटवर्क टूट रहे हैं, सपोर्ट बेस घट रहा है, नेतृत्व में आंतरिक कलह बढ़ रही है। लगातार कई बर्ड नक्सली अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं।