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मुंबई। भारतीय म्यूचुअल फंड उद्योग में मिड कैप फंड्स को हमेशा एक आकर्षक निवेश विकल्प माना जाता है, क्योंकि ये मध्यम आकार की कंपनियों में निवेश करते हैं जिनमें विकास की बड़ी संभावना होती है। अच्छे मिड कैप म्युचुअल फंड्स की बात करें तो 2020 से 2024 तक 5 लगातार साल में 17 मिड कैप म्यूचुअल फंड्स ने कभी भी नकारात्मक रिटर्न नहीं दिया। इस अवधि में चाहे कोविड-19 महामारी का झटका रहा हो, वैश्विक मंदी का डर या घरेलू बाजार में उतार-चढ़ाव, इन फंड्स ने हर साल निवेशकों को लाभ ही दिलाया है। यही नहीं, इस अवधि में कुल 24 मिड कैप फंड्स बाजार में आए और उनमें से 17 ने हर साल सकारात्मक वार्षिक रिटर्न दिया।
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यह आंकड़ा इस श्रेणी के फंड्स की मजबूती को दिखाता है। लेकिन साल 2025 में स्थिति थोड़ी बदल गई। अब तक के आंकड़े बताते हैं कि इन 17 फंड्स में से 10 घाटे में चले गए हैं, जबकि केवल 7 फंड्स ही लाभ में बने रहने में सफल रहे हैं। अगर आंकड़ों पर गौर करें तो इन्वेस्को इंडिया मिडकैप फंड ने इस साल सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है और 4.53 प्रतिशत का लाभ दिया है। इसके अलावा आईसीआईसीआई प्रु मिडकैप फंड 3.70 प्रतिशत, मिराए एसेट मिडकैप फंड 3.52 प्रतिशत, कोटक मिडकैप फंड 1.18 प्रतिशत, टॉरस मिडकैप फंड 1.37 प्रतिशत, एचडीएफसी मिडकैप फंड 0.80 प्रतिशत और निप्पॉन इंडिया ग्रोथ मिडकैप फंड 0.77 प्रतिशत की बढ़त बनाए हुए हैं। यानी ये सात फंड्स अब भी निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न दे रहे हैं।
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दूसरी ओर, मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड में सबसे ज्यादा गिरावट आई है और यह 7.52 प्रतिशत नीचे चला गया है। क्वांट मिडकैप फंड 7.38 प्रतिशत, एचएसबीसी मिडकैप फंड 4.11 प्रतिशत, एसबीआई मिडकैप फंड 3.73 प्रतिशत, महिंद्रा मैन्यूलाइफ मिडकैप फंड 2.91 प्रतिशत, बारोडा बीएनपी परिबास मिडकैप फंड 2.06 प्रतिशत, फ्रैंकलिन इंडिया मिडकैप फंड 1.54 प्रतिशत, एडेलवाइस मिडकैप फंड 0.62 प्रतिशत, सुंदरम मिडकैप फंड 0.03 प्रतिशत और टाटा मिडकैप फंड 0.05 प्रतिशत नीचे फिसले हैं। इससे साफ है कि 2025 में बाजार की अस्थिरता ने मिड कैप फंड्स को प्रभावित किया है। इस समय वे फंड्स भी नुकसान में दिख रहे हैं, जिनका 5 साल का रिकॉर्ड लगातार सकारात्मक रहा है।
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कुछ समय के खराब प्रदर्शन से यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि इन फंड्स की गुणवत्ता खराब हो गई है। हर साल समान प्रदर्शन नहीं मिलता। वास्तव में, 2020 से 2024 तक जिस तरह इन फंड्स ने मजबूत रिटर्न दिए, वह बताता है कि इनकी रणनीति और पोर्टफोलियो चयन कितना प्रभावी रहा है। 2025 की गिरावट बाजार की अस्थायी परिस्थितियों का नतीजा हो सकती है। मिड कैप फंड्स उच्च रिटर्न देने की क्षमता रखते हैं, लेकिन इनके साथ जोखिम भी कुछ ज्यादा होता है। निवेशकों को इस श्रेणी में निवेश करते समय अपने वित्तीय लक्ष्य, समयावधि और जोखिम उठााने की क्षमता को ध्यान में रखना चाहिए। अगर दृष्टिकोण लंबी अवधि का है, तो इन फंड्स में बने रहने से अच्छा लाभ मिलना लगभग तय होता है। साल 2020 से 2024 तक लगातार सकारात्मक रिटर्न देने वाले 17 फंड्स इसका जीता-जागता प्रमाण हैं।