मुंबई। देश के ऑटोमोबाइल उद्योग में प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है। इसी बीच टाटा मोटर्स ने अपनी मजबूत पकड़ का प्रदर्शन किया है। कंपनी ने पैसेंजर व्हीकल (पीवी) यानी कार और एसयूवी की बिक्री के मामले में अब हुंडई और महिंद्रा एंड महिंद्रा को पछाड़कर दूसरा स्थान हासिल कर लिया है। पहले स्थान पर अब भी मारुति सुजुकी का दबदबा कायम है, लेकिन टाटा मोटर्स ने यह साबित कर दिया है कि वह भारतीय कार बाजार में बड़ी चुनौती पेश कर सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, टाटा मोटर्स की बिक्री लगातार बढ़ रही है और उसने न केवल पारंपरिक इंजन वाली गाड़ियों में अच्छा प्रदर्शन किया है बल्कि इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) सेगमेंट में भी अपनी पकड़ मजबूत की है।
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कंपनी की इलेक्ट्रिक कारें जैसे नेक्सन ईवी, टिगोर ईवी और हाल ही में लॉन्च किए गए नए मॉडल्स ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं। इसी वजह से टाटा मोटर्स ने ईवी रजिस्ट्रेशन के मामले में भी जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर को पीछे छोड़ते हुए अपनी लीड और बढ़ा ली है। ऑटो इंडस्ट्री विशेषज्ञों का मानना है कि टाटा मोटर्स ने समय रहते इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर फोकस करके सही रणनीति अपनाई है। जबकि कई कंपनियां अब भी पेट्रोल और डीजल कारों पर अधिक ध्यान दे रही हैं, वहीं टाटा मोटर्स ने ग्राहकों को किफायती दामों में भरोसेमंद ईवी विकल्प दिए। इसका फायदा कंपनी को मिल रहा है और युवा उपभोक्ताओं के साथ-साथ शहरी परिवार भी ईवी अपनाने की ओर बढ़ रहे हैं।
हुंडई और महिंद्रा जैसे ब्रांड भारतीय बाजार में पहले से मजबूत खिलाड़ी रहे हैं। हुंडई की क्रेटा और वेन्यू जैसे मॉडल तथा महिंद्रा की एसयूवी कारें लंबे समय से ग्राहकों की पसंद रही हैं। लेकिन टाटा मोटर्स ने अपनी गाड़ियों की सेफ्टी रेटिंग, डिजाइन और इलेक्ट्रिक वर्जन पर निवेश करके ग्राहक विश्वास अर्जित किया है। इसके अलावा सरकार द्वारा ईवी खरीद पर दिए जा रहे सब्सिडी और टैक्स छूट ने भी ग्राहकों को टाटा मोटर्स के ईवी मॉडल अपनाने में मदद की है। कंपनी की योजना है कि अगले कुछ सालों में और भी नए इलेक्ट्रिक मॉडल पेश किए जाएंगे ताकि ईवी सेगमेंट में उसकी पकड़ और मजबूत हो।
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इसके साथ ही, बैटरी टेक्नोलॉजी और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार करने के लिए भी टाटा समूह काम कर रहा है। दूसरी ओर, जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर, हुंडई और महिंद्रा जैसी कंपनियां भी इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में अपनी उपस्थिति बढ़ाने की कोशिश कर रही हैं। लेकिन फिलहाल टाटा मोटर्स का दबदबा ज्यादा स्पष्ट है और ग्राहकों का भरोसा भी उसी के पक्ष में दिख रहा है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि कंपनी अपनी मौजूदा रणनीति को और आक्रामक रूप से लागू करती है तो आने वाले वर्षों में वह मारुति सुजुकी को भी कड़ी चुनौती दे सकती है।