Naresh Bhagoria
12 Jan 2026
रामचन्द्र पाण्डेय, भोपाल। उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए...स्वामी विवेकानंद की इस संदेश को सार्थक करने का भार उठाया है प्रतिज्ञा समाज सेवा कल्याण समिति के फाउंडर डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय ने। वे अब तक लगभग 5000 गांव का भ्रमण कर चुके हैं। यहां टोली बैठक करके निरक्षरों को शिक्षा व युवाओं को देश-प्रदेश की योजनाओं के बारे में जानकारी दे रहे हैं। वे भोपाल के एमपी नगर में प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क कोचिंग भी दे रहे हैं। डॉ. उपाध्याय का लक्ष्य है कि वे प्रदेश में वर्ष 2026 में ग्रामीण स्तर पर बच्चों को शिक्षित करने का कार्य करेंगे।

शहडोल जिले की कुम्हिया ग्राम पंचायत के कोमिया ग्राम में अभिभावक बहुत जागरूक मिले और बच्चों में पढ़ने के प्रति काफी ललक थी, लेकिन यहां लाइब्रेरी और संसाधनों का अभाव था। डॉ. उपाध्याय ने सरपंच शैलेंद्र से संपर्क किया और स्वयं के सहयोग से लाइब्रेरी स्थापित कराई। गांव के युवक राजेश ने बताया कि अब बच्चों को पढ़ने का भरपूर अवसर मिल रहा है, उन्हें अखबार से देश दुनिया की जानकारी मिल रही है।
बैतूल जिले के पोस्ट झालर में कोरकू जनजाति के लोगों में जागरूकता का बहुत अभाव मिला। यहां के रूपेश कोरकू नाम युवक ने बताया कि डॉ. उपाध्याय ने कई योजनाओं के साथ स्टार्टअप योजना के बारे में बताया। गांव के युवा स्टार्टअप शुरू करने के बारे में विचार कर रहे हैं।
अनूपपुर के ग्राम धर्मपुरी में स्वास्थ्य की समस्या से जूझते लोग मिले। यहां खास करके सिकल सेल एनीमिया से पीड़ित व्यक्ति ज्यादा थे। इन्हें इस बीमारी के इलाज की कोई जानकारी नहीं है। यहां डॉ. उपाध्याय सिकल सेल एनीमिया पर काम कर रहे पवन गुप्ता से मिले और लोगों को जागरूक किया। यहां पर एक नौजवान योगेंद्र मेहरा जो स्वयं सिकल सेल से पीड़ित था, अब लोगों की सहायता कर रहा है।
प्रदेश भ्रमण के दौरान डॉ. उपाध्याय बालाघाट जिले के बैहर गांव में बैगा समुदाय के लोगों से मिले। इस समुदाय के लोग बिना लोकल के संपर्क के नए व्यक्ति से बात नहीं करते। यहां रेंजर वेदांत ने मध्यस्थता की। यहां विशाल बैगा ने बताया कि उन्हें पहली बार योजनाओं के बारे में जानकारी मिली है, जो हमारे समाज के मुख्य धारा से जोड़ेंगी। गांव के लोगों को शिक्षा का महत्व बताया।