Naresh Bhagoria
11 Jan 2026
दुबई। ईरान में देशव्यापी प्रदर्शन रविवार को राजधानी और देश के दूसरे बड़े शहर में भी फैल गए। दो सप्ताह से जारी प्रदर्शन के दौरान हिंसा में अब तक कम से कम 116 लोग मारे गए हैं। प्रदर्शन के मद्देनजर ईरान में इंटरनेट और फोन लाइन काट दी गई है, जिससे प्रदर्शन का वास्तविक अनुमान लगाने में मुश्किल आ रही है। अमेरिका स्थित ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ के अनुसार, प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 116 हो गई है और 2,600 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर कालिबाफ ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इस्लामिक गणराज्य पर हमला करता है, तो अमेरिकी सेना और इजराइल उसका वैध निशाना बनेंगे।
कालिबाफ की टिप्पणियों से पहली बार यह संकेत मिलता है कि उन्होंने ईरानी हमले के संभावित लक्ष्यों की सूची में इजराइल को भी शामिल किया है। कट्टरपंथी नेता कालिबाफ ने यह धमकी तब दी, जब ईरान की संसद में सांसद अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए आसन के समीप पहुंच गए। सूचना पर लगी रोक से ईरान की सुरक्षा सेवाओं के भीतर के कट्टरपंथियों को खूनी कार्रवाई शुरू करने का हौसला मिलेगा। हालांकि, ट्रंप ने चेताया है कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की रक्षा के लिए ईरान पर हमला करने को तैयार हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को समर्थन देते हुए सोशल मीडिया पर कहा, ईरान आजादी चाहता है, जो शायद उसने पहले कभी नहीं देखी थी। अमेरिका मदद के लिए तैयार है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ और ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ ने अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि ट्रंप को ईरान पर हमले के लिए सैन्य विकल्प दिए गए थे, लेकिन उन्होंने अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने चेताया, राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पैंतरेबाजी न करें। जब वह कुछ करने का वादा करते हैं, तो वह उसे पूरा करने का वादा करते हैं।
कट्टरपंथी नेता कालिबाफ ने अपने संबोधन में पुलिस और ईरान के अर्द्धसैन्य बल रिवोल्यूशनरी गार्ड, विशेष रूप से उसके स्वयंसेवी बासिज की प्रदर्शनों के दौरान दृढ़ता से खड़े रहने के लिए प्रशंसा की। कालिबाफ ने कहा, ईरान के लोगों को पता होना चाहिए कि हम उनके साथ सबसे सख्त तरीके से निपटेंगे और गिरफ्तार किए गए लोगों को दंडित करेंगे। उन्होंने इजराइल और अमेरिका को चेताते हुए कहा, ईरान पर हमले की स्थिति में, कब्जे वाले क्षेत्र और इस क्षेत्र में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य केंद्र, अड्डे और जहाज हमारे वैध लक्ष्य होंगे। कालिबाफ ने कहा, हम केवल कार्रवाई के बाद प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं रहेंगे। हम किसी भी खतरे के स्पष्ट संकेत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।
ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने अपने नए संदेश में प्रदर्शनकारियों से रविवार को सड़कों पर उतरने के लिए कहा। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से ईरान का पुराना शेर-और-सूरज वाला झंडा और शाह के समय में इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों को ले जाने का आग्रह किया ताकि "सार्वजनिक स्थानों पर अपना अधिकार जमा सकें। ईरान में प्रदर्शन 28 दिसंबर को ईरानी रियाल मुद्रा के गिरने के कारण शुरू हुए, जो डॉलर के मुकाबले 1.4 मिलियन से अधिक पर ट्रेड कर रही है।