Shivani Gupta
31 Jan 2026
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Manisha Dhanwani
31 Jan 2026
Naresh Bhagoria
31 Jan 2026
प्रभा उपाध्याय
इंदौर। सिरपुर में एक ऐसा मंदिर है जहां गणेशजी की मूर्ति को सिंदूर नहीं, बल्कि हल्दी का चोला चढ़ाया जाता है। यह मंदिर सिरपुर, धार रोड पर स्थित है। मंदिर के पुजारी बांके बिहारी शास्त्री ने कहा, इस मंदिर की कहानी यह है कि हरिद्रा मुहूर्त में भगवान गणेश की स्थापना की गई थी। इस मुहूर्त का कोई निश्चित समय नहीं होता है, बल्कि यह गणेश चतुर्थी या भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन ही आता है। तब भगवान को हल्दी का चोला पहनाया जाता है। मान्यता है कि यहां हल्दी का चोला चढ़ाने वालों की सभी मान्यता पूरी होंती हैं।
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पुजारी ने बताया कि गणेश उत्सव के दौरान सभी दस दिन गणेशजी को हल्दी का चोला चढ़ता है। बाकी सामान्य दिनों में केवल हर बुधवार को ही चोला चढ़ाया जाता है। जिन्होंने छह माह पहले बुकिंग की थी वह अब चोला चढाने आ रहे हैं। गणेश उत्सव के दौरान अथर्वशीर्ष का पाठ, पुष्प अर्चना, एक हजार गणेशजी के नाम के पाठ, महाआरती और महाप्रसादी की व्यवस्था की जाती है। जहां यह मंदिर है उस गुफा में बैठकर गणेशजी ने महाभारत कर लिखी है। वह गुफा भी भक्त के दर्शन के लिए बनाई गई है।
सिरपुर गांव के लोगों ने मिलकर मंदिर बनवाया था। यहां हर बुधवार गणेशजी का विशेष श्रृंगार किया जाता है। चोला चढ़ाने वाले लोगों की सभी परेशानियां दूर हो जाती हैं। चाहे पढ़ाई हो, नौकरी हो या शादी में रुकावट जैसी बाधा हो, यहां चोला चढ़ाने पर सब दूर हो जाती हैं। इसी महात्म्य के चलते दूर दूर से लोग यहां आकर चोला चढ़ाते हैं।
भगवती शर्मा, श्रद्धालु