कम बिजली चली, फिर भी बिल ज्यादा?मीटर नहीं, सिस्टम की गलती! ऐसे करें शिकायत

बिजली का बिल हर महीने घर का अहम खर्च होता है। इसी से पता चलता है कि कितनी बिजली खर्च हुई और कितना भुगतान करना है। लेकिन कई बार बिना ज्यादा बिजली इस्तेमाल किए भी हजारों रुपये का बिल आ जाता है, जिससे लोग परेशान हो जाते हैं।
ज्यादातर लोग शिकायत क्यों नहीं करते
अक्सर लोग सोच लेते हैं कि शायद उनसे ही ज्यादा बिजली खर्च हो गई होगी और बिना सवाल किए बिल भर देते हैं। जबकि कई बार ज्यादा बिल आने की वजह आपकी गलती नहीं, बल्कि सिस्टम की गड़बड़ी होती है।
गलत बिजली बिल आने की आम वजहें
गलत बिल आने की सबसे बड़ी वजह मीटर रीडिंग में गलती होती है। कभी मीटर रीडर ज्यादा यूनिट नोट कर लेता है या अनुमान से बिल बना दिया जाता है।
मीटर का पुराना या खराब होना, पुराने बकाए का जुड़ जाना, स्लैब रेट की गलती या ऑनलाइन सिस्टम में तकनीकी दिक्कत भी बिल बढ़ा सकती है। इसलिए शिकायत से पहले पुराने बिल और मौजूदा मीटर रीडिंग जरूर जांचें।
गलत बिल की शिकायत कैसे करें
अगर आपको बिल गलत लगता है, तो आप बिजली कंपनी की वेबसाइट या मोबाइल ऐप से ऑनलाइन शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए कंज्यूमर नंबर, बिल नंबर और मीटर रीडिंग दर्ज करनी होती है।
ऑनलाइन सुविधा न हो तो नजदीकी बिजली ऑफिस में लिखित शिकायत भी दी जा सकती है। कई राज्यों में टोल-फ्री नंबर और व्हाट्सऐप से भी शिकायत ली जाती है।
शिकायत के बाद क्या होता है
शिकायत मिलने पर बिजली विभाग मीटर और बिल की जांच करता है। जरूरत पड़ी तो दोबारा मीटर रीडिंग ली जाती है या मीटर टेस्टिंग के लिए भेजा जाता है।
अगर गलती साबित होती है, तो सही बिल जारी किया जाता है। ज्यादा पैसा जमा हो चुका हो तो उसे अगले बिल में एडजस्ट कर दिया जाता है।
हजारों रुपये बचा सकती है एक शिकायत
अगर कम बिजली इस्तेमाल करने के बावजूद बिल ज्यादा आए, तो चुप न रहें। शिकायत जरूर करें, क्योंकि कई बार एक छोटी सी कार्रवाई आपका काफी पैसा बचा सकती है।











