Shivani Gupta
31 Jan 2026
इस वर्ष महाशिवरात्रि का पावन पर्व सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाया जाएगा। फाल्गुन महीने की यह शिवरात्रि आध्यात्मिक रूप से बहुत खास मानी जा रही है। सनातन परंपरा में महाशिवरात्रि को अज्ञान के अंधकार से मुक्ति और ज्ञान के प्रकाश का पर्व कहा गया है। इस दिन शिव भक्ति से जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।
चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 15 फरवरी 2026, दोपहर 05:04 बजे
चतुर्दशी तिथि समाप्त: 16 फरवरी 2026, दोपहर 05:34 बजे
इसलिए महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी और व्रत का पारण 16 फरवरी को किया जाएगा।
16 फरवरी को शिवरात्रि पारण समय - 06:59 ए एम से 03:24 पी एम
निशिता काल पूजा समय - 12:09 ए एम से 01:01 ए एम, 16 फरवरी
ब्रह्म मुहूर्त - 05:17 ए एम से 06:08 ए एम
प्रातः सन्ध्या - 05:43 ए एम से 07:00 ए एम
अभिजित मुहूर्त - 12:13 पी एम से 12:58 पी एम
विजय मुहूर्त - 02:27 पी एम से 03:12 पी एम
गोधूलि मुहूर्त - 06:09 पी एम से 06:34 पी एम
सायाह्न सन्ध्या - 06:11 पी एम से 07:28 पी एम
अमृत काल - 12:59 पी एम से 02:41 पी एम
निशिता मुहूर्त - 12:09 ए एम, फरवरी 16 से 01:01 ए एम, 16 फरवरी
सर्वार्थ सिद्धि योग - 07:00 ए एम से 07:48 पी एम
इस बार महाशिवरात्रि श्रवण नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग के शुभ संयोग में आ रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस योग में किए गए जप, तप, पूजा और दान का फल कई गुना बढ़ जाता है।
सर्वार्थ सिद्धि योग का अर्थ है- ऐसा योग जिसमें किए गए कार्य सफल होते हैं। यह योग सांसारिक सुख के साथ-साथ आध्यात्मिक उन्नति और मोक्ष का मार्ग खोलता है।
मान्यता है कि इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। कठोर तपस्या के बाद माता पार्वती ने शिव को पति रूप में पाया। यह कथा प्रेम, त्याग और समर्पण का प्रतीक है। इसी कारण महाशिवरात्रि को वैवाहिक सुख, सौभाग्य और पारिवारिक स्थिरता का पर्व भी माना जाता है।
महाशिवरात्रि के दिन इन मंत्रों का जप विशेष फल देता है-
1. ॐ नमः शिवाय
2. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
3. ॐ हौं जुं सः मृत्युंजयाय नमः॥
4. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥