मुंबई के कारोबारी ने इंदौर निवासी पर लगाया 12 लाख की धोखाधड़ी का आरोप:कारोबारी ने थाने में दी शिकायत, जांच की मांग

मुंबई के कारोबारी का दावा- 11 लाख बैंक से और करीब 1 लाख रुपए नकद दिए, रकम वापस नहीं मिलने पर एमआईजी थाने में शिकायत; पुलिस से दस्तावेज और लेन-देन की जांच कर कार्रवाई की मांग।
मुंबई के कारोबारी ने इंदौर निवासी पर लगाया 12 लाख की धोखाधड़ी का आरोप:कारोबारी ने थाने में दी शिकायत, जांच की मांग
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इंदौर। मुंबई निवासी कारोबारी चंद्रू वंजानी ने इंदौर निवासी नीरज कुमार त्रिपाठी के खिलाफ करीब 12 लाख रुपए की कथित धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत एमआईजी थाने में की है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, राशि वापस दिलाने और आरोप जांच में सही पाए जाने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।शिकायत के अनुसार, चंद्रू वंजानी ने 12 अगस्त 2025 को नीरज त्रिपाठी को बैंकिंग माध्यम से 11 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। इसके अलावा करीब एक लाख रुपए नकद दिए जाने का भी दावा किया गया है। शिकायतकर्ता ने बैंक लेन-देन से संबंधित दस्तावेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्य पुलिस को सौंपे हैं।

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रकम वापस नहीं करने का आरोप

शिकायतकर्ता का आरोप है कि राशि प्राप्त करने के बाद काफी समय बीतने के बावजूद नीरज त्रिपाठी ने रकम वापस नहीं की। वंजानी के मुताबिक, उन्होंने कई बार संपर्क कर राशि लौटाने के लिए कहा, लेकिन बाद में फोन का जवाब देना भी बंद कर दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि रकम वापसी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी जा रही है।

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जांच के बाद तय होंगी धाराएं

शिकायतकर्ता ने मामले में धोखाधड़ी और धमकी से संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में बीएनएस की धारा 318(4) और 351(2) का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता की ओर से धारा 420 का भी उल्लेख किया गया है।हालांकि, पुलिस जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही यह तय होगा कि मामले में कौन-सी कानूनी धाराएं लागू होती हैं। पुलिस बैंक लेन-देन, उपलब्ध दस्तावेज और दोनों पक्षों के बयानों की जांच कर सकती है।

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नोटिस के बाद बयान के लिए नहीं पहुंचने का दावा

शिकायतकर्ता का कहना है कि शिकायत के बाद नीरज त्रिपाठी को एमआईजी थाने में बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस दिया गया था। उनके अनुसार, नोटिस दिए जाने के बावजूद संबंधित व्यक्ति के थाने में उपस्थित नहीं होने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से इस संबंध में भी जांच की मांग की है।

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इंदौर में प्रतिनिधि को किया अधिकृत

मुंबई निवासी होने के कारण चंद्रू वंजानी ने इंदौर में शिकायत और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए अपने मित्र दिलीप माटा को अधिकृत प्रतिनिधि बनाया है। दिलीप माटा जेल रोड झूलेलाल व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं।शिकायतकर्ता ने पुलिस अधिकारियों से बैंक खाते में हुए लेन-देन, कॉल और संपर्क विवरण, उपलब्ध दस्तावेजों तथा संबंधित व्यक्तियों के बयान की जांच करने की मांग की है।

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पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

शिकायतकर्ता ने मांग की है कि यदि जांच में आरोप प्रमाणित पाए जाते हैं तो नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए और उनकी राशि वापस दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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