ओडिशा में बारिश से बिगड़े हालात, 13 जिलों में बाढ़, हीराकुंड बांध के 16 गेट खुले, 70 हजार से ज्यादा लोगों को किया शिफ्ट

ओडिशा में लगातार हो रही बारिश ने कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। नदियां उफान पर हैं और गांवों में पानी घुसने लगा है। हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने 70 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। राहत के लिए 395 शिविर बनाए गए हैं। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी रविवार, 27 सितंबर को दक्षिण ओडिशा के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। राज्य के 13 जिलों में बाढ़ और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं।
13 जिलों में बाढ़ और जलभराव से बिगड़े हालात
ओडिशा के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इसकी वजह से नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। अधिकारियों के मुताबिक, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज, कालाहांडी, कोरापुट, नबरंगपुर, मलकानगिरि, क्योंझर, नयागढ़, कंधमाल, बोलंगीर और जगतसिंहपुर में अचानक आई बाढ़ और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं। प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। सरकार ने राहत और बचाव के लिए शिविर तैयार किए हैं, ताकि बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित जगह पर रखा जा सके।
बालासोर में तीन नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बालासोर जिले में बाढ़ की स्थिति सबसे गंभीर बताई जा रही है। यहां तीन प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार शाम पांच बजे जलेश्वर के राजघाट में सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर 11.07 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 10.36 मीटर है। नदी का पानी बढ़ने से भोगराई, जलेश्वर, बालीपाल और बस्ता प्रखंडों के गांवों में बाढ़ आ गई है। वहीं, बुधबलंग नदी भी गोविंदपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग-16 के पास खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। यहां नदी का जलस्तर 8.8 मीटर दर्ज किया गया। बालासोर में कंसाबांसा, सोआ और गंगाहार जैसी दूसरी नदियों का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। लगातार बारिश के कारण इन इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
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मयूरभंज में देवकुंड पर्यटन स्थल बंद
मयूरभंज जिले में भी बारिश के कारण हालात प्रभावित हुए हैं। यहां सिमिलिपाल राष्ट्रीय उद्यान के अधिकारियों ने देवकुंड पर्यटन स्थल को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक, इलाके की जलधाराओं और नालों में पानी काफी बढ़ गया है। देवकुंड जाने वाले रास्ते पर बने पुल और पुलियां भी बह गई हैं। ऐसे में पर्यटकों को अभयारण्य की ओर जाने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं, बुधबलंग नदी का पानी बारीपदा नगरपालिका के कुछ इलाकों में भी पहुंच गया है। इसके अलावा बड़साही, बेतनटी, उदला, कप्तीपदा, सारसकाना और रासगोविंदपुर प्रखंडों में भी नदी का पानी घुस गया है।
हीराकुंड बांध के 16 गेट खोले गए
लगातार बारिश और नदियों में बढ़ते जलस्तर के बीच हीराकुंड बांध से अतिरिक्त पानी छोड़ा जा रहा है। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि शनिवार को बांध के 11 और गेट खोले गए। इससे पहले पांच गेट खोले जा चुके थे। अब तक कुल 16 गेट खोले जा चुके हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में महानदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के कारण बांध के और गेट खोलने पड़े हैं। उस समय बांध का जलस्तर 629.56 फुट दर्ज किया गया था। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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मुख्यमंत्री करेंगे प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे
ओडिशा में बाढ़ के हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी रविवार को दक्षिण ओडिशा के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे। इस दौरान बारिश और बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। राज्य में 70 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। राहत के लिए 395 शिविर बनाए गए हैं। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन की नजर हालात पर बनी हुई है। फिलहाल लोगों को सतर्क रहने और निचले इलाकों में पानी बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।




















