
दिल्ली पुलिस ने महरौली थाना इलाके में करीब छह महीने पहले हुई एक हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा किया है। प्रेमी आफताब अमीन पूनावाला ने लिव इन पार्टनर और प्रेमिका श्रद्धा (26 वर्षीय) की हत्या कर उसके शव के 35 टुकड़े कर दिए। उसने इन टुकड़ों को फ्रिज में रखा और 18 दिन तक तड़के उठकर वह उनको ठिकाने लगाते रहा।
आफताब और श्रद्धा मुंबई छोड़ दिल्ली में हुए शिफ्ट
श्रद्धा के पिता विकास मदान वाकर ने बताया कि विरोध करने पर बेटी और आफताब ने अचानक मुंबई को छोड़ दिया था। बाद में पता चला कि वह महरौली के छतरपुर इलाके में रहते हैं। उन्होंने बताया कि किसी न किसी माध्यम से बेटी की जानकारी मिलती रहती थी। लेकिन, मई के बाद से उसके बारे में उन्हें कुछ भी पता नहीं लग पा रहा था। उसके फोन नंबर पर भी संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वह भी नहीं मिला।

फिर अनहोनी की आशंका होने पर वह 8 नवंबर को सीधे छतरपुर स्थित फ्लैट में गए जहां बेटी किराए पर रहती थी। वहां पर ताला बंद होने के बाद विकास ने महरौली थाने में पहुंचकर पुलिस को अपहरण की सूचना दी और एफआईआर दर्ज कराई।
ये भी पढ़ें- G-20 समिट में शामिल होने PM मोदी इंडोनेशिया रवाना, 45 घंटे में 20 कार्यक्रम और 10 बड़े नेताओं से करेंगे मुलाकात
कॉल सेंटर में हुई थी दोनों की मुलाकात
आफताब और श्रद्धा की दोस्ती मुंबई में एक कॉल सेंटर में काम करने के दौरान हुई थी। दोनों की यह दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में तब्दील हो गई। लेकिन परिवार वाले इस बात से खुश नहीं थे। इसके बाद परिवार का विरोध करने पर दोनों भागकर दिल्ली आ गए।
लाश को ठिकाने कैसे लगाया ?
पुलिस के मुताबिक आफताब ने शव के टुकड़े करने के लिए आरी का इस्तेमाल किया। उसने पहले उसके हाथों के तीन टुकड़े किए। इसके बाद पैर के भी तीन टुकड़े किए। इसके बाद रोज वह बैग में रखकर इन्हें फेंकने के लिए ले जाता। हत्या के बाद 300 लीटर का फ्रिज खरीदा, ताकि टुकड़े उसमें रख सके। अगरबत्ती जलाता था, ताकि बदबू को दबाया जा सके।
ये भी पढ़ें- दिल्ली शराब घोटाला केस में ED की बड़ी कार्रवाई, AAP नेता विजय नायर और अभिषेक बोइनपल्ली गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने किया सनसनीखेज खुलासा
दिल्ली पुलिस टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आफताब की तलाश में जुट गई। पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर आफताब को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आफताब ने बताया कि श्रद्धा उसपर लगातार शादी का दबाव बना रही थी। जिसको लेकर उनके बीच में अक्सर झगड़ा होना शुरू हो गया। इसके बाद उसने मई में बेरहमी से उसकी हत्या कर दी। आफताब ने श्रद्धा के शव के टुकड़े कर महरौली के जंगलों में फेंक दिया।