नई दिल्ली। बुधवार को बजट सत्र के छठवें दिन संसद परिसर में पक्ष-विपक्ष के नेताओं का मिलन हुआ। इस कई नेता एक-दूसरे की चुटकी लेते नजर आए। लेकिन एक तस्वीरें उस समय चर्चा का विषय बन गई जब संसद के मकार द्वार पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच मुलाकात हुई। लेकिन ये मुलाकात कम और तीखी बहस ज्यादा दिखी।
बता दें दोनों नेता की मुलाकात उस समय सुर्खियों में छाई जब संसद के गेट पर कांग्रेस सांसद प्रदर्शन कर रहे थे। न्यूज़ एजेंसी ANI के अनुसार, रवनीत सिंह बिट्टू जैसे ही मकर द्वार पर हंगामा कर रहे सांसदों की तरफ से गुजरे तो राहुल ने उन्हें इशारा किया। और फिर उन्होंने उनकी तरफ कमेंट किया। जिसका बिट्टू ने भी जवाब दिया।
राहुल ने कांग्रेस के नेता रह चुके रवनीत सिंह बिट्टू से हैंडशेक के लिए हाथ आगे बढ़ाया और कहा...नमस्कार भाई, मेरे गद्दार दोस्त, चिंता मत करो तुम कांग्रेस में वापस आओगे। इसका रिप्लाई करते हुए रवनीन बोले- तुम देश के दुश्मन हो यह कहते हुए उन्होंने राहुल से हाथ नहीं मिलाया। जिसके बाद दोनों के बीच नोंकझोक शुरू हो गई।
लोकसभा में हंगामे के दौरान विपक्षी सांसद आसन के पास पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। इस पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कड़ा रुख अपनाते हुए विपक्ष को मर्यादा का पालन करने की नसीहत दी। बिरला ने कहा कि विपक्ष के कई सदस्य अलग-अलग दौर में लंबे समय तक सरकार में रह चुके हैं, इसके बावजूद वे सदन की परंपराओं और मर्यादाओं का उल्लंघन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विरोध दर्ज कराने के और भी तरीके हो सकते हैं, लेकिन सत्तापक्ष की सीटों की ओर जाकर नारेबाजी करना उचित नहीं है। ऐसा करने से लोकतांत्रिक व्यवस्था पर आम लोगों का भरोसा कमजोर होता है।