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SIR पर सुप्रीम सुनवाई : ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को कहा Whatsapp Commission, जज से 5 मिनट मांगे, चुनाव आयोग को नोटिस

एसआईआर प्रक्रिया को चुनौती देते हुए भारत निर्वाचन आयोग के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका के मामले में आज सुनवाई हुई। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में चल रही एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ खुद अपनी दलील देने सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं और अपनी बात रखी। 
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को कहा Whatsapp Commission, जज से 5 मिनट मांगे, चुनाव आयोग को नोटिस
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद कोर्ट ने चुनाव आयोग  को नोटिस जारी किया। सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने शीर्ष अदालत से लोगों के हितों की रक्षा करने की अपील की। अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी। 

    वोटर लिस्ट से काट दिए गए नाम

    ममता बनर्जी की ओर से सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान ने दलीलें पेश कीं। उन्होंने बताया कि कैसे तार्किक विसंगति  के नाम पर पश्चिम बंगाल में लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए। साथ ही उन्होंने कोर्ट को यह भी बताया कि कैसे माता-पिता और बच्चों के सरनेम की वर्तनी में अंतर होने की वजह से नोटिस जा रहा है।

    मैं सभी के लिए लड़ रही हूं

    सुनवाई के दौरान ममता बनर्जी ने शीर्ष अदालत से अपनी बात रखने की अनुमति मांगी और कहा कि मैं बंगाल से हूं और समस्याओं को बेहतर बता सकती हूं। उन्होंने कहा कि हमें न्याय नहीं मिल रहा है, मैंने 6 बार चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। ममता बनर्जी ने कहा, मैं साधारण परिवार से हूं। मैं बहुत महत्वपूर्ण नहीं हूं, लेकिन मैं सभी के लिए लड़ रही हूं।

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    बेहतरीन वकील आपका पक्ष रख रहे हैं : CJI

    चीफ जस्टिस (CJI)  सूर्यकांत ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से बेहतरीन वकील आपका पक्ष रख रहे हैं। फिर ममता बनर्जी ने 5 मिनट अपनी बात रखने की इजाजत मांगी। जिस पर सीजेआई ने कहा कि हम आपको 15 मिनट देंगे।

    असली वोटर का अधिकार कोई नहीं छीन सकता

    बCJI ने कहा कि हम समाधान निकालेंगे। शीर्ष अदालत ने कहा, जो असली मतदाता हैं, उनका चुनावी अधिकार कोई नहीं छीन सकता है। हम जिम्मेदारी से नहीं भागेंगे। इसका समाधान निकालेंगे।

    ममता बनर्जी ने कोर्ट में यह भी कहा...

    • जब इंसाफ दरवाजे के पीछे दम तोड़ रहा है। ऐसे वक्त में आप सुन रहे हैं, हम आपके आभारी हैं।
    • इलेक्शन कमीशन... सॉरी, व्हाट्सऐप कमीशन यह सब कर रहा है। लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। बंगाल को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
    • एसआईआर से भेदभाव पैदा हो रहा है। अगर लड़की शादी के बाद पति का सरनेम लगा रही है तो उनके नाम काटे जा रहे हैं
    • सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड को मान्य दस्तावेज के तौर पर इजाजत दी... लेकिन बंगाल में उसके साथ कई कागज मांगे जा रहे हैं।
    • गरीब लोग दूसरी जगह  शिफ्ट हो जाते हैं, लेकिन उनका नाम भी हटा दिया जा रहा है। आपके आदेश का उल्लंघन हो रहा है।
    • 100 से ज्यादा बीएलओ की मौत हो गई और कई अस्पताल में भर्ती हैं।
    •  बंगालियों को निशाने पर लिया जा रहा है। असम में एसआईआर नहीं हो रहा, लेकिन पश्चिम बंगाल में क्यों?
    • जो ऑब्जर्वर भाजपा राज्यों से आए हैं वो ERO और जिला निर्वाचन अधिकारी की सुन नहीं रहे हैं। 

    हमें सिर्फ 80 ERO दिए : चुनाव आयोग

    चुनाव आयोग की ओर से एडवोकेट राकेश द्विवेदी ने कहा कि माइक्रो ऑब्जर्वर सिर्फ ERO की मदद कर रहे हैं। उन्हें कानून के मुताबिक ही पश्चिम बंगाल में लगाया गया है। उन्होंने कहा, ''हमने राज्य सरकार को कई बार लिखा कि क्लास टू अधिकारियों को ERO के तौर पर नियुक्त किया जाए। सिर्फ 80 अधिकारी दिए गए... गलती उनकी है, इसीलिए हमने माइक्रो ऑब्ज़र्वर नियुक्त किए हैं।  

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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