Naresh Bhagoria
4 Feb 2026
जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई मुठभेड़ में दो पाकिस्तानी आतंकी मारे गए। इनमें से एक आतंकी रुबानी उर्फ अबू माविया था, जो आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का बड़ा कमांडर माना जा रहा था और लंबे समय से इलाके में सक्रिय था।
मंगलवार शाम बसंतगढ़ इलाके के किया गांव के जंगलों में सुरक्षाबलों को आतंकियों की मौजूदगी की सूचना मिली। इसके बाद सेना, सीआरपीएफ, व्हाइट नाइट कोर और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मिलकर एक संयुक्त अभियान शुरू किया और पूरे इलाके को घेर लिया।
सुरक्षाबलों ने आतंकियों से संपर्क साधते ही जवाबी कार्रवाई शुरू की। करीब 20 मिनट तक चली फायरिंग में दोनों आतंकियों को मार गिराया गया। मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाबलों की घेराबंदी के चलते वे बच नहीं सके।
सुरक्षा सूत्रों के अनुसार रामनगर, बसंतगढ़ और बिलावर के जंगलों में अभी भी आतंकियों के छिपे होने की आशंका है। इसी वजह से पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है और सर्च ऑपरेशन जारी है।
इस ऑपरेशन में सुरक्षाबलों की सटीक रणनीति, आपसी तालमेल और पेशेवर कार्रवाई की सराहना की जा रही है। मुठभेड़ खत्म होने के बाद भी इलाके में सुरक्षा बलों की मौजूदगी बनाए रखी गई है, ताकि किसी भी खतरे को समय रहते रोका जा सके।
इससे पहले 31 जनवरी को किश्तवाड़ जिले के जंगलों में भी सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। उस दौरान तीन जवान घायल हो गए थे, जबकि एक आतंकी भी जख्मी हुआ था। बसंतगढ़ के जंगल किश्तवाड़ जिले तक फैले हुए हैं।
पिछले साल 8 अप्रैल 2025 को जोफड़ इलाके में भी आतंकी मुठभेड़ हुई थी। उस समय तीन आतंकियों के घिरे होने की सूचना थी। इसके बाद 26 नवंबर को तीन संदिग्ध चिगला बलोता गांव में एक स्थानीय व्यक्ति से खाना लेकर पास के जंगल की ओर भाग गए थे। पहाड़ी और घने जंगलों का फायदा उठाकर आतंकी रात के अंधेरे में फरार हो गए थे।