Naresh Bhagoria
4 Feb 2026
नई दिल्ली। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़े मुद्दे उठाने की अनुमति नहीं मिलने को लेकर विवाद पैदा हो गया। साथ ही आठ विपक्षी सांसदों के निलंबन के कारण सदन में गतिरोध की स्थिति बनी रही। गौरतलब है कि बुधवार को धन्यवाद प्रस्ताव पर PM Modi का संबोधन होना था, लेकिन यह नहीं हो सका।
सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों से मर्यादित व्यवहार बनाए रखने की अपील की, लेकिन शोर-शराबा जारी रहने पर बैठक को दोपहर 12 बजे तक स्थगित करना पड़ा।
बैठक दोबारा शुरू होने पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर वक्तव्य दिया। इस दौरान विपक्ष की नारेबाजी जारी रही, जिस पर अध्यक्ष ओम बिरला ने नाराजगी जताई और नियमों के अनुसार बोलने की अनुमति दिए जाने की बात कही। राहुल गांधी पहले ही अध्यक्ष पर बोलने से रोकने का आरोप लगा चुके थे।
धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कुछ किताबों का हवाला देते हुए नेहरू-गांधी परिवार पर आरोप लगाए। नियमों के तहत किताबें दिखाने से मना करने के बावजूद उन्होंने टिप्पणी जारी रखी, जिससे विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया और कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
शाम को बैठक दोबारा शुरू होने पर भी विपक्ष के शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई। इससे पहले सदन की गरिमा भंग करने के आरोप में कांग्रेस के सात और एक माकपा सांसद को वर्तमान सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया जा चुका था।