सरगुजा:छत्तीसगढ़ में तहसीलदारों की हड़ताल, बीजेपी विधायक पर नायब तहसीलदार को पीटने का आरोप

छत्तीसगढ़ में नायब तहसीलदार से कथित मारपीट के मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक माहौल गरमा दिया है। सरगुजा जिले के सीतापुर से बीजेपी विधायक रामकुमार टोप्पो पर नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना के विरोध में प्रदेशभर के 500 से अधिक तहसीलदार और राजस्व अधिकारी हड़ताल पर चले गए हैं।
छत्तीसगढ़ में तहसीलदारों की हड़ताल, बीजेपी विधायक पर नायब तहसीलदार को पीटने का आरोप
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सरगुजा। हड़ताल का असर रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों में दिखाई देने लगा है। दूसरी ओर विधायक पक्ष ने भी नायब तहसीलदार पर बदसलूकी और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए हैं। मामले में दोनों पक्षों की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जमीन की फाइल को लेकर शुरू हुआ विवाद

जानकारी के मुताबिक विधायक रामकुमार टोप्पो की चचेरी बहन सीमा धनकी ने जमीन के शाख शोध पत्र के लिए 14 मई को राजापुर उप तहसील में आवेदन जमा किया था। आरोप है कि कई दिनों तक उन्हें काम के लिए दफ्तर के चक्कर लगवाए गए। बुधवार को जब वह फिर कार्यालय पहुंचीं तो काम में देरी को लेकर उनकी नायब तहसीलदार तुषार मानिक से बहस हो गई। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। 

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विधायक की बहन ने लगाए बदसलूकी के आरोप

सीमा धनकी का आरोप है कि जब उन्होंने फाइल पर साइन करने की बात कही तो नायब तहसीलदार भड़क गए। उन्होंने कथित तौर पर फाइल फेंक दी और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया। सीमा का कहना है कि उन्हें दफ्तर से बाहर जाने के लिए भी कहा गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद विधायक के समर्थक उप तहसील कार्यालय पहुंच गए, जिसके बाद माहौल और तनावपूर्ण हो गया।

विधायक पर पीटने का आरोप 

नायब तहसीलदार तुषार मानिक का आरोप है कि विधायक रामकुमार टोप्पो ने उन्हें सीतापुर से वापस राजापुर बुलाया। वहां पहुंचने पर विधायक और उनके समर्थकों ने बहन के साथ हुए व्यवहार को लेकर सवाल किए। तुषार मानिक का कहना है कि बातचीत के दौरान समर्थकों ने उनकी पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक ने भी उन्हें अलग ले जाकर मारपीट की।

विधायक की गिरफ्तारी की मांग 

घटना के दौरान एसडीएम फागेश सिन्हा भी मौके पर मौजूद थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने बीच-बचाव कर नायब तहसीलदार को वहां से सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में नाराजगी है। और प्रदेशभर के राजस्व अधिकारी विरोध में उतर आए। अधिकारियों का कहना है कि जब तक आरोपी विधायक के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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हड़ताल से प्रभावित हुआ राजस्व कामकाज

तहसीलदारों और राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के चलते कई जिलों में सरकारी कामकाज प्रभावित हुआ है। जमीन से जुड़े मामलों, दस्तावेज सत्यापन और अन्य राजस्व सेवाओं पर असर पड़ रहा है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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