एम्स भोपाल में मरीजों के लिए बड़ी सुविधा, व्हाट्सएप चैटबॉट से मिलेंगी OPD समेत 10 सेवाएं

भोपाल। एम्स भोपाल ने एम्स भोपाल व्हाट्सएप स्वास्थ्य सेवाएं नाम से नई डिजिटल स्वास्थ्य सेवा शुरू की है। इसके लिए मरीजों को कोई अलग मोबाइल अनुप्रयोग डाउनलोड करने या अलग-अलग इंटरनेट आधारित पोर्टल पर जाने की जरूरत नहीं होगी। यह सेवा एम्स के नए निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. नरेन्द्र कोतवाल के निर्देशन में शुरू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य मरीजों के लिए अस्पताल की नियमित सेवाओं को आसान और सुविधाजनक बनाना है।
व्हाट्सएप से मिलेंगी ओपीडी और डॉक्टर अपाइंटमेंट की सुविधा
मरीज अब व्हाट्सएप के जरिए डॉक्टर अपाइंटमेंट और ओपीडी रजिस्ट्रेशन की सुविधा ले सकेंगे। इसके साथ ही आभा आईडी संपर्क और ओपीडी इंक्वायरी जैसी सेवाएं भी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध रहेंगी। मरीजों को सामान्य जानकारी के लिए अस्पताल आने की जरूरत कम होगी। इससे अस्पताल की नियमित सेवाओं तक पहुंच आसान और सुविधाजनक होगी।
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लैब रिपोर्ट से लेकर डिस्चार्ज टिकट तक सेवाएं
नई डिजिटल सुविधा के माध्यम से मरीज लैब रिपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र और मृत्यु प्रमाण पत्र की जानकारी ले सकेंगे। इसके अलावा डिस्चार्ज टिकट, बिलिंग सेवाएं, मरीज की जानकारी और डॉक्टर प्रिस्क्रिप्शन भी व्हाट्सएप के जरिए उपलब्ध होंगे। इस तरह कुल करीब दस जरूरी सेवाओं को चैटबॉट से जोड़ा गया है। मरीज अपनी सुविधा के अनुसार इन डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे।
चौबीसों घंटे और सातों दिन उपलब्ध रहेगी सुविधा
इस डिजिटल मंच को उपलब्ध सेवाओं तक चौबीसों घंटे और सातों दिन पहुंच देने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। मरीज अपनी सुविधा के अनुसार कहीं से भी और किसी भी समय उपलब्ध डिजिटल सेवाओं का उपयोग कर सकेंगे। इससे उन मरीजों को विशेष सुविधा मिलेगी, जिन्हें केवल नियुक्ति लेने, जांच रिपोर्ट देखने, प्रमाण-पत्र प्राप्त करने या बाह्य रोगी विभाग से जुड़ी सामान्य जानकारी लेने के लिए अस्पताल आना पड़ता है। डिजिटल सेवा से ऐसे काम आसान हो सकेंगे।
2026 के अंत तक पेटी सीटी,गामा नाइफ और रोबोटिक सर्जरी
एम्स के निदेशक डॉ. नरेन्द्र कोतवाल ने बताया कि कई सेवाओं को विस्तार देने पर काम किया जा रहा है। इस क्रम में सबसे पहले पेटी सीटी मशीन और गामा नाइफ की शुरुआत होने जा रही है। साथ में रोबोटिक सर्जरी भी रहेगी और यह दोनों सेवाएं साल 2026 के अंत तक शुरू हो जाएंगी। इसी के साथ एम्स में एक और कैथलैब शुरू करने पर भी फोकस है, जिस पर तेजी से काम चल रहा है।
अगले साल तक दो कैथलैब,दो MRI और दो LINAC मशीन
निदेशक डॉ. कोतवाल ने बताया कि अगले साल तक भोपाल में दो कैथलैब, दो एमआरआई मशीन और दो लीनेक मशीन संचालित होने लगेंगी। अस्पताल को डिजिटल बनाने की दिशा में पैक्स प्रणाली की खरीद अंतिम चरण में है। इसके शुरू होने के बाद मरीजों की जांच से जुड़ी तस्वीरों और रिपोर्ट को सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक रूप में देखा जा सकेगा। इसका उद्देश्य अस्पताल को धीरे-धीरे कागजरहित और डिजिटल रूप से जुड़ी स्वास्थ्य व्यवस्था में बदलना है।
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आभासी शव परीक्षण और पथरी के इलाज की भी सुविधा
आभासी शव परीक्षण केंद्र की खरीद भी अंतिम चरण में है। इसमें सीटी स्कैन की मदद से शरीर के अंदर की स्थिति का विस्तृत आकलन किया जा सकेगा और यह सुविधा कानूनी मामलों, दुर्घटनाओं और अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में उपयोगी होगी। वहीं पथरी के मरीजों के लिए एक्स्ट्राकॉर्पोरियल शॉक वेव लिथोट्रिप्सी सुविधा स्थापित की जा रही है, जिसकी मशीन अगले दो महीनों में स्थापित होने की उम्मीद है। इस तकनीक से उपयुक्त मरीजों में बिना चीरा लगाए गुर्दे और मूत्र मार्ग की पथरी का इलाज किया जा सकेगा।




















