बुखार में बच्चे का BP गिरने लगे तो न करें नजरअंदाज, जानें कौन से लक्षण हैं खतरनाक और कब जाना चाहिए अस्पताल

बदलते मौसम में बच्चों को बुखार होना आम बात है लेकिन अगर तेज बुखार के दौरान बच्चा असामान्य रूप से सुस्त हो जाए, हाथ-पैर ठंडे पड़ने लगें, सांस तेज चले या शरीर में पानी की कमी के लक्षण दिखाई दें, तो स्थिति को गंभीरता से लेना जरूरी है। कुछ मामलों में ऐसी स्थिति में बच्चे का ब्लड प्रेशर यानी BP भी कम हो सकता है। बच्चों में लो BP का संबंध केवल बुखार से नहीं होता। तेज बुखार के दौरान पसीना, उल्टी, दस्त या पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ न लेने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। गंभीर संक्रमण की स्थिति में भी रक्त संचार और BP प्रभावित हो सकता है। इसलिए माता-पिता को बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर रखनी चाहिए और गंभीर लक्षण दिखने पर घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
बुखार के दौरान बच्चों में BP कम होने की वजह क्या हो सकती है?
तेज बुखार के दौरान शरीर का तापमान बढ़ने से बच्चे को पसीना अधिक आ सकता है। यदि बच्चा पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ नहीं ले रहा है, तो शरीर में डिहाइड्रेशन की स्थिति बन सकती है। उल्टी और दस्त होने पर पानी के साथ शरीर से जरूरी लवण भी कम हो सकते हैं। इससे कमजोरी और डिहाइड्रेशन बढ़ सकता है। हालांकि अगर बुखार के साथ बच्चा तेजी से कमजोर हो रहा है या उसकी हालत लगातार बिगड़ रही है, तो यह किसी गंभीर संक्रमण का संकेत भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में BP कम होना एक गंभीर मेडिकल संकेत हो सकता है और बच्चे को तुरंत चिकित्सकीय जांच की जरूरत पड़ सकती है।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
बच्चों में लो BP या शरीर में रक्त संचार से जुड़ी समस्या के संकेत कई बार सामान्य कमजोरी जैसे लग सकते हैं। माता-पिता को खासतौर पर इन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए-
- बच्चा असामान्य रूप से सुस्त या बेहोश जैसा दिखाई दे
- बार-बार सोने लगे और जगाने पर ठीक से प्रतिक्रिया न दे
- बच्चा सामान्य तरीके से बात या प्रतिक्रिया न कर पाए
- हाथ और पैर ठंडे पड़ जाएं
- त्वचा बहुत पीली या असामान्य दिखाई दे
- सांस बहुत तेज, कठिन या अनियमित हो
- बच्चा अत्यधिक कमजोरी महसूस करे
- उल्टी या दस्त लगातार हो रहे हों
- पेशाब की मात्रा सामान्य से काफी कम हो जाए
- बच्चा पानी या अन्य तरल पदार्थ पीने से मना कर रहा हो
अगर बच्चा रोते-रोते अचानक असामान्य रूप से शांत और सुस्त हो जाए या उसकी हालत तेजी से बदलती दिखाई दे, तो इसे सामान्य बुखार मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
बुखार के साथ डिहाइड्रेशन दिखे तो क्या करें?
अगर बच्चा पूरी तरह होश में है और तरल पदार्थ आसानी से पी सकता है, तो उसे थोड़ी-थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ दिए जा सकते हैं। उल्टी या दस्त की स्थिति में ORS का उपयोग डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार किया जा सकता है। बच्चे को पर्याप्त मात्रा में पानी और उम्र के अनुसार उपयुक्त तरल पदार्थ देना जरूरी है। हालांकि यदि बच्चा लगातार उल्टी कर रहा है, कुछ भी नहीं पी पा रहा है या बहुत सुस्त है, तो उसे जबरदस्ती कुछ पिलाने की कोशिश न करें और तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
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बुखार में बच्चे को आरामदायक रखें
बच्चे को हल्के और आरामदायक कपड़े पहनाएं तथा कमरे को सामान्य और हवादार रखें। बहुत ज्यादा गर्म कपड़ों में लपेटने से शरीर का तापमान और असहजता बढ़ सकती है। बुखार के दौरान बहुत ठंडे पानी या बर्फ का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। बच्चे को बुखार की दवा केवल डॉक्टर द्वारा बताई गई मात्रा और सलाह के अनुसार ही दें।
कब तुरंत अस्पताल जाना जरूरी है?
कुछ लक्षण ऐसे हैं जिनके दिखाई देने पर इंतजार नहीं करना चाहिए। अगर बच्चे को तेज बुखार के साथ-
- बेहोशी या होश में कमी महसूस हो
- सांस लेने में परेशानी हो
- हाथ-पैर ठंडे पड़ जाएं
- बच्चा अत्यधिक सुस्त हो जाए
- लगातार उल्टी या दस्त हो रहे हों
- पेशाब बहुत कम हो रहा हो
- बच्चा तरल पदार्थ नहीं पी पा रहा हो
- दौरे या झटके आएं
- हालत तेजी से बिगड़ रही हो
तो तुरंत नजदीकी डॉक्टर या अस्पताल से संपर्क करना चाहिए।
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बच्चे के BP को लेकर घर पर अनुमान न लगाएं
छोटे बच्चों में सामान्य BP उम्र और शरीर के आकार के अनुसार अलग-अलग होता है। इसलिए केवल लक्षण देखकर घर पर BP कम होने का निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। BP की सही जांच उपयुक्त उपकरण और स्वास्थ्य विशेषज्ञ द्वारा की जानी चाहिए।




















