Monsoon 2026:मानसून की रफ्तार धीमी, तूफानी हवाओं से थमा, कई राज्यों में हीटवेव और कम बारिश का अनुमान

देशभर में लोग मानसून का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन इस बार इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग के मुताबिक कम दबाव वाली तूफानी हवाओं के कारण मानसून केरल तट से कुछ दूरी पर अटका हुआ है। इससे कई राज्यों में गर्मी और हीटवेव का असर बढ़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने जून और जुलाई में सामान्य से कम बारिश का अनुमान भी जारी किया है।
मानसून की रफ्तार धीमी, तूफानी हवाओं से थमा, कई राज्यों में हीटवेव और कम बारिश का अनुमान

मौसम विभाग का कहना है कि मानसून की देरी का असर खेती और खाद्य उत्पादन पर पड़ सकता है। खासतौर पर उन इलाकों में चिंता बढ़ गई है, जहां खेती पूरी तरह मानसूनी बारिश पर निर्भर रहती है। कई राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की आशंका भी जताई गई है।

केरल तट से 30 किमी दूरी पर अटका मानसून

मौसम विभाग के अनुसार मानसून पिछले पांच दिनों से केरल तट से 30 से 35 किलोमीटर दूर रुका हुआ है। श्रीलंका के ऊपर बने कम दबाव और तूफानी हवाओं के कारण इसकी रफ्तार प्रभावित हुई है। विभाग ने कहा कि अगले दो से तीन दिनों तक इसके आगे बढ़ने की संभावना कम है। सामान्य तौर पर मानसून एक जून तक केरल पहुंच जाता है।

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जून के पहले सप्ताह में पहुंचने की संभावना 

IMD ने पहले 26 मई तक मानसून केरल पहुंचने का अनुमान लगाया था। अब ताजा स्थिति को देखते हुए इसके करीब सात दिन बाद पहुंचने की संभावना जताई गई है। यानी पुराने अनुमान के मुकाबले मानसून करीब दस दिन देरी से देश में दस्तक देगा। इससे मौसम चक्र पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।

कई राज्यों में हीटवेव का खतरा

मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, गुजरात और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में जून और जुलाई के दौरान हीटवेव चलने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार इस बार तापमान सामान्य से करीब तीन डिग्री अधिक रह सकता है। इससे लोगों को उमस और तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

देश में 78 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान

इस साल देश में औसतन 78 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान लगाया गया है, जो सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। इससे पहले अप्रैल में 80 सेंटीमीटर बारिश का अनुमान जारी किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार 1971 से 2020 के आंकड़ों के आधार पर देश में औसत बारिश 87 सेंटीमीटर मानी जाती है।

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वर्षा कम होने से खेती पर पड़ सकता है असर 

मौसम विभाग ने बताया कि मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ, झारखंड और ओडिशा जैसे मानसून कोर जोन में कम बारिश होने की आशंका है। इन इलाकों में खेती सबसे ज्यादा मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है। कम बारिश का सीधा असर फसलों, खाद्य उत्पादन और किसानों की आय पर पड़ सकता है।

कई राज्यों में सामान्य से कम बारिश

जून महीने में मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया गया है। वहीं महाराष्ट्र, राजस्थान और गुजरात के कुछ हिस्सों में सामान्य बारिश हो सकती है। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और राज्यों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

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