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MP के 39 में से सिर्फ 21 आयुर्वेद कॉलेजों को मान्यता, पहले चरण की काउंसलिंग में सीटों के विकल्प रह सकते हैं सीमित

मध्यप्रदेश में 39 में से फिलहाल 21 आयुर्वेद कॉलेजों को मान्यता मिली है। 5 सरकारी और 16 निजी कॉलेज काउंसलिंग में शामिल होंगे, जबकि बाकी कॉलेजों की मंजूरी का इंतजार है।
MP के 39 में से सिर्फ 21 आयुर्वेद कॉलेजों को मान्यता, पहले चरण की काउंसलिंग में सीटों के विकल्प रह सकते हैं सीमित
MP के 39 में से सिर्फ 21 आयुर्वेद कॉलेजों को मान्यता

भोपाल। मध्यप्रदेश में आयुष पाठ्यक्रमों में प्रवेश का इंतजार कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण खबर है। प्रदेश के 39 आयुर्वेद कॉलेजों में से फिलहाल केवल 21 कॉलेजों को नए शैक्षणिक सत्र के लिए मान्यता मिल सकी है। इनमें 5 शासकीय और 16 निजी आयुर्वेद कॉलेज शामिल हैं। मान्यता प्राप्त कॉलेजों की सीटों को अब आयुष पाठ्यक्रमों की काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। पहले चरण की काउंसलिंग जल्द शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि अभी आधे से अधिक कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण पहले चरण में छात्रों के लिए सीटों और कॉलेजों के विकल्प सीमित रह सकते हैं। मध्यप्रदेश में बीएएमएस यानी बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी की कुल लगभग 2700 अंडरग्रेजुएट सीटें हैं, जो प्रदेश के 39 आयुर्वेद कॉलेजों में वितरित हैं। लेकिन फिलहाल केवल 21 कॉलेजों को मान्यता मिलने से सभी उपलब्ध सीटें पहले चरण की काउंसलिंग में शामिल नहीं हो सकेंगी।

7 में से केवल 5 शासकीय आयुर्वेद कॉलेजों को मिली मंजूरी

मध्यप्रदेश में कुल 7 शासकीय आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। पहले चरण की मान्यता प्रक्रिया में इनमें से केवल 5 सरकारी कॉलेजों को हरी झंडी मिली है। मान्यता प्राप्त शासकीय कॉलेजों में-

  • ग्वालियर
  • उज्जैन
  • बुरहानपुर
  • रीवा
  • भोपाल

के सरकारी आयुष कॉलेज शामिल हैं। इन पांच शासकीय कॉलेजों में कुल 370 यूजी सीटों को मान्यता प्राप्त हुई है। प्रदेश के शेष दो सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता फिलहाल लंबित है। इन संस्थानों की निरीक्षण और मान्यता प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले चरणों में मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है।

16 निजी आयुर्वेद कॉलेज भी काउंसलिंग में होंगे शामिल

शासकीय कॉलेजों के अलावा प्रदेश के 16 निजी आयुर्वेद कॉलेजों को भी मान्यता मिल चुकी है। ऐसे में छात्र काउंसलिंग के दौरान अपनी रैंक और पसंद के आधार पर इन निजी संस्थानों का चयन कर सकेंगे। आयुष विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, कॉलेजों को मान्यता देने की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चलती है। संस्थानों के बुनियादी ढांचे, फैकल्टी, अस्पताल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की जांच की जाती है। मानकों को पूरा करने वाले संस्थानों को संबंधित प्रक्रिया के तहत अनुमति दी जाती है। जिन कॉलेजों की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, उन्हें अगले चरणों में मंजूरी मिलने की संभावना बनी हुई है।

2700 सीटों में से कितनी सीटें पहले चरण में आएंगी?

प्रदेश में बीएएमएस की कुल करीब 2700 सीटें उपलब्ध हैं। हालांकि, सभी 39 कॉलेजों को अभी तक मान्यता नहीं मिलने के कारण पहले चरण की काउंसलिंग में इन सभी सीटों का विकल्प उपलब्ध नहीं होगा। फिलहाल 21 कॉलेजों की मान्यता होने से छात्रों को इन्हीं संस्थानों की उपलब्ध सीटों के आधार पर चॉइस फिलिंग करनी पड़ सकती है। इसका असर खासतौर पर उन छात्रों पर पड़ सकता है, जो किसी विशेष शहर या कॉलेज में प्रवेश की योजना बना रहे हैं। सीमित विकल्प होने की स्थिति में छात्रों को अपनी रैंक के अनुसार कॉलेज चयन की रणनीति सावधानी से बनानी होगी।

बाकी 18 कॉलेजों के लिए अभी भी उम्मीद

अभी प्रदेश के 18 आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता प्रक्रिया लंबित है। इनमें दो सरकारी कॉलेज भी शामिल हैं। यदि इन कॉलेजों को आने वाले समय में मान्यता मिल जाती है, तो उनकी सीटों को अगले चरण की काउंसलिंग में शामिल किया जा सकता है। इससे बीएएमएस में प्रवेश के इच्छुक हजारों छात्रों के लिए कॉलेज और सीटों के विकल्प बढ़ सकते हैं। आयुष काउंसलिंग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मान्यता प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र कॉलेजों को काउंसलिंग पूल में शामिल किया जा सकता है।

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छात्रों को चॉइस फिलिंग में रखनी होगी सावधानी

विशेषज्ञों का कहना है कि काउंसलिंग में चॉइस फिलिंग करते समय छात्रों को केवल उन्हीं कॉलेजों और सीटों को प्राथमिकता देनी चाहिए, जिन्हें संबंधित शैक्षणिक सत्र के लिए अधिकृत रूप से मान्यता प्राप्त हो चुकी है। किसी कॉलेज की पुरानी मान्यता या पिछले सत्र की सीटों के आधार पर फैसला लेने के बजाय छात्रों को वर्तमान शैक्षणिक सत्र की आधिकारिक मान्यता स्थिति की जांच करनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार चॉइस फिलिंग से पहले छात्रों को कॉलेज की-

  • वर्तमान मान्यता स्थिति
  • उपलब्ध सीटों की संख्या
  • सरकारी या निजी संस्थान
  • फीस संरचना
  • कॉलेज और अस्पताल की सुविधाएं
  • काउंसलिंग में शामिल सीटों की आधिकारिक सूची

की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

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जल्द शुरू हो सकती है पहले चरण की काउंसलिंग

मान्यता प्राप्त 21 कॉलेजों की सूची के आधार पर अब आयुष पाठ्यक्रमों की पहले चरण की काउंसलिंग शुरू करने की तैयारी की जा रही है। काउंसलिंग शुरू होने के बाद छात्र पंजीयन, चॉइस फिलिंग और सीट आवंटन की प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। हालांकि छात्रों की नजर अब बाकी 18 कॉलेजों की मान्यता पर भी टिकी है। अगर अगले चरणों से पहले अन्य संस्थानों को मंजूरी मिलती है, तो बीएएमएस सीटों की संख्या बढ़ने से छात्रों के लिए प्रवेश के विकल्प भी बढ़ सकते हैं। फिलहाल आयुष प्रवेश की तैयारी कर रहे छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे काउंसलिंग से संबंधित सभी निर्णय केवल आधिकारिक मान्यता सूची और उपलब्ध सीटों की जानकारी के आधार पर ही लें।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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