Bijapur Encounter : भैरमगढ़-इंद्रावती क्षेत्र में DRG जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 1 नक्सली ढेर

बीजापुर। बीजापुर जिले के इंद्रावती इलाके के घने जंगल-पहाड़ों में शुक्रवार सुबह पुलिस और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। सुरक्षाबलों ने एक नक्सली को मार गिराया और मौके से हथियार बरामद किए। जिला पुलिस और DRG टीम ने माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया। यह घटना Chhattisgarh Naxal Encounter अभियान की कड़ी में आती है, जहां सुरक्षाबल लगातार नक्सली गतिविधियों पर नकेल कस रहे हैं। पिछले दिनों सुकमा और बीजापुर में हुई कई मुठभेड़ें इसी अभियान का हिस्सा रही हैं। अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने इलाके की निगरानी और सतर्कता बढ़ा दी है।
कैसे शुरू हुई मुठभेड़
भैरमगढ़ थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई इस मुठभेड़ में DRG जवानों और माओवादियों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी हुई। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और सघन तलाशी अभियान जारी रखा। अधिकारियों का कहना है कि, अभियान अभी जारी है और ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही पूरी जानकारी साझा की जाएगी।
सुकमा में नक्सलियों के खिलाफ बड़ी सफलता
बीजापुर में हुई मुठभेड़ से एक दिन पहले सुकमा जिले में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली। 18 दिसंबर को PLGA बटालियन नंबर 1 के कमांडर देवा की तलाश में निकले DRG जवानों की किस्टाराम एरिया कमेटी से मुठभेड़ हो गई। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में जवानों ने दो एरिया कमेटी मेंबर सहित कुल तीन नक्सलियों को मार गिराया, जिसमें एक महिला भी शामिल थी। जानकारी के अनुसार, मारे गए नक्सली 12 लाख रुपए के इनामी थे। यह मुठभेड़ गोलापल्ली थाना क्षेत्र के गोंदीगुड़ा जंगल-पहाड़ी इलाके में हुई।
सुकमा में मारे गए 3 नक्सली।
बीजापुर में शहीद DRG जवान
बीजापुर में हाल ही में हुए एक और एनकाउंटर में DRG जवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। 2 दिसंबर को दंतेवाड़ा-बीजापुर बॉर्डर पर DRG जवानों और 12 नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में हेड कॉन्स्टेबल मोनू वडारी, रमेश सोड़ी और कॉन्स्टेबल दुकारू गोंडे शहीद हो गए जबकि दो जवान घायल हुए। मारे गए नक्सलियों में डिविजनल कमेटी मेंबर वेल्ला मोडियम शामिल था।
इस साल अब तक कुल 255 नक्सली ढेर
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी के अनुसार, इस साल अब तक कुल 255 नक्सली मारे जा चुके हैं। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक नक्सलियों के खात्मे का लक्ष्य रखा है। इसी रणनीति के तहत बड़े नक्सली नेताओं पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षाबलों की सतर्कता और रणनीति ने Chhattisgarh Naxal Encounter अभियानों में लगातार सफलता दिलाई है।
सुरक्षा और नागरिक सतर्कता
विशेषज्ञों का कहना है कि, बीजापुर और सुकमा में लगातार हुई सफल मुठभेड़ें दर्शाती हैं कि सुरक्षाबल नक्सली गतिविधियों पर सख्ती से नजर रख रहे हैं। आम नागरिकों से अपील की गई है कि, वे नक्सली प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें और पुलिस तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। Chhattisgarh Naxal Encounter अभियान के माध्यम से सुरक्षाबल मार्च 2026 तक नक्सलियों के खात्मे के अपने लक्ष्य को पूरा करने में जुटे हुए हैं।
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