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ताजा खबरपत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड :जिस जगह पर मुकेश की हत्या की थी, वहीं चला बुलडोजर... बीजापुर में प्रशासन ने अवैध बाड़े को किया ध्वस्त 

जिस जगह पर मुकेश की हत्या की थी, वहीं चला बुलडोजर... बीजापुर में प्रशासन ने अवैध बाड़े को किया ध्वस्त 
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या से जुड़ा एक बड़ा कदम प्रशासन ने उठाया है। पत्रकार की हत्या के मुख्य साजिशकर्ता सुरेश चंद्राकर का कब्जा रहे अवैध बाड़े को सोमवार को बुलडोजर द्वारा ध्वस्त कर दिया गया। यह बाड़ा चट्टान पारा इलाके की सरकारी जमीन पर बना था, जिसमें 11 कमरे बनाए गए थे। हत्या के आठ महीने बाद प्रशासन ने इस बाड़े को अवैध कब्जा मानकर तोड़ा, जिससे एक बार फिर से यह मामला चर्चा में आ गया।

    अवैध कब्जे पर प्रशासन की कार्रवाई

    एसडीएम जागेश्वर कौशल ने बताया कि यह वही बाड़ा था, जहां पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के बाद शव को दफनाया गया था। प्रशासन की टीम में राजस्व विभाग और नगर पालिका शामिल रही। हत्या के बाद यह बाड़ा क्राइम सीन के रूप में सील किया गया था। लेकिन आरोपियों द्वारा अतिक्रमण जारी रखने के कारण अब इसे ध्वस्त किया गया। 

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    अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरेश चंद्राकर को कई नोटिस भेजे जाने के बावजूद उसने कब्जा नहीं छोड़ा था। उच्च न्यायालय में स्थगन याचिका भी खारिज हो चुकी थी, जिसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की।

    कैसे की थी मुकेश की हत्या

    मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या की योजना 29-30 दिसंबर 2024 को बनाई गई थी। पत्रकार मुकेश चंद्राकर को 1 जनवरी 2025 को बीजापुर में डिनर पर बुलाकर बड़े ही निर्दयता से पीटा गया। आरोपी सुरेश चंद्राकर सहित उसके चचेरे भाई दिनेश और रितेश ने मिलकर पहले मुकेश को शराब पिलाई, फिर जमकर मारा। इसके बाद उसका गला घोंटा गया और सिर पर रॉड से मार कर गंभीर चोट पहुंचाई गई। हत्या के बाद शव को उसी बाड़े में दफनाया गया था।

    3 जनवरी 2025 को लाश मिलने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 4 जनवरी को दिनेश, रितेश चंद्राकर, महेंद्र रामटेके और मास्टरमाइंड ठेकेदार सुरेश चंद्राकर को गिरफ्तार किया था। जांच में यह भी सामने आया कि हत्या के बाद सभी आरोपियों ने भागने की योजना पहले से बना रखी थी और अलग-अलग स्थानों पर जाकर छुपने की कोशिश की थी।

    प्रशासन की कड़ी कार्रवाई

    एसडीएम जागेश्वर कौशल ने कहा कि आगे भी ऐसी सभी अवैध संरचनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जांच अभी भी जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि बाड़े की जांच से हत्या की पूरी साजिश और अपराधियों के पीछे के अन्य सहयोगियों के बारे में नई जानकारी मिल सकेगी। पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में प्रशासन प्रतिबद्ध है।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...

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