UPSC नियमों में बड़ा बदलाव :बार-बार सिविल एग्जाम नहीं दे पाएंगे IAS-IFS, सिर्फ एक बार मिलेगा रैंक सुधारने का मौका

संघ लोक सेवा आयोग ने CSE 2026 के लिए पात्रता और अटेंप्ट नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। पहले से IAS, IPS, IFS में नियुक्त उम्मीदवार परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। आवेदन 24 फरवरी तक, प्रीलिम्स 24 मई और मेन्स 21 अगस्त से होंगे।
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बार-बार सिविल एग्जाम नहीं दे पाएंगे IAS-IFS, सिर्फ एक बार मिलेगा रैंक सुधारने का मौका
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 4 फरवरी 2026 को सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस साल कुल 933 पदों के लिए भर्ती होगी। उम्मीदवारों को 24 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आयोग ने इस बार पात्रता नियम, अटेंप्ट और सेवा आवंटन से जुड़े कई अहम बदलाव किए हैं। विशेष रूप से पहले से नियुक्त या चयनित IAS, IPS और IFS उम्मीदवारों के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं।

    CSE 2026 के जरिए IAS, IPS, IFS, IRS सहित ग्रुप A और B सेवाओं में नियुक्ति होगी। उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र में AI-आधारित फेस ऑथेंटिकेशन और आधार वेरिफिकेशन के बाद ही प्रवेश मिलेगा।

    सेवा में रहते हुए नहीं दे सकेंगे एग्जाम

    नए नियमों के अनुसार, जो उम्मीदवार पहले से IAS या IFS में नियुक्त हैं, वे CSE 2026 में शामिल नहीं हो सकेंगे। अगर किसी उम्मीदवार की नियुक्ति प्रीलिम्स के बाद लेकिन मेन्स से पहले हुई, तो वह मेन्स परीक्षा नहीं दे पाएगा। मेन्स परीक्षा के बाद और फाइनल रिजल्ट से पहले नियुक्ति होने पर भी नई परीक्षा के आधार पर सेवा आवंटन नहीं मिलेगा। 

    IPS उम्मीदवारों के लिए सख्त नियम

    इस बार IPS कैडर के लिए नियम और भी स्पष्ट किए गए हैं-

    • जो उम्मीदवार पहले से IPS में चयनित या नियुक्त हैं, वे CSE 2026 के माध्यम से दोबारा IPS नहीं पा सकेंगे।
    • CSE 2026 में IPS या अन्य ग्रुप A सेवा पाने वाले उम्मीदवार अगर 2027 में फिर परीक्षा देना चाहते हैं, तो उन्हें संबंधित विभाग से ट्रेनिंग में शामिल न होने की छूट लेनी होगी।
    • बिना अनुमति परीक्षा देने पर सेवा आवंटन रद्द हो जाएगा।

    परीक्षा देने का आखिरी मौका

    CSE 2025 या उससे पहले चयनित उम्मीदवारों को एक विशेष अवसर दिया गया है। वे बिना इस्तीफा दिए CSE 2026 या 2027 में एक बार परीक्षा दे सकते हैं। यदि 2028 या उसके बाद परीक्षा देना चाहते हैं, तो उन्हें सेवा से इस्तीफा देना आवश्यक होगा।

    UPSC ने यह नियम बार-बार प्रयास और सेवा बदलाव की प्रक्रिया को व्यवस्थित और सख्त बनाने के लिए लागू किया है।

    CSE 2026 की प्रमुख तारीखें और पद की जानकारी

    प्रीलिम्स परीक्षा: 24 मई 2026

    मेन्स परीक्षा: 21 अगस्त 2026 से

    इंटरव्यू (पर्सनैलिटी टेस्ट): फरवरी-मार्च 2027 (संभावित)

    कुल पद: 933

    योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन। फाइनल ईयर के छात्र प्रीलिम्स दे सकते हैं। इंटरव्यू से पहले डिग्री पास होना जरूरी।

    उम्मीदवारों को कितने मौके मिलेंगे

    श्रेणी

    अटेंप्ट्स

    आयु सीमा

    General/EWS

    6

    32 वर्ष

    OBC

    9

    35 वर्ष

    SC/ST

    कोई सीमा नहीं

    37 वर्ष

    फाइनल मेरिट केवल मेन्स और इंटरव्यू के आधार पर तैयार की जाएगी। मेन्स के लिए 1750 अंक और इंटरव्यू के लिए 275 अंक का स्कोर तय है।

    इस बार UPSC ने परीक्षा में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए AI-आधारित फेशियल रिकॉग्निशन और आधार वेरिफिकेशन को अनिवार्य किया है। उम्मीदवारों को अब एक चार-चरण वाले डिजिटल पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा, जो पूरी तरह से आधार से जुड़ा होगा।

    योग्यता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी

    IAS: किसी भी विषय में बैचलर डिग्री आवश्यक।

    IFS: एनिमल हसबैंड्री, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी, एग्रीकल्चर जैसे विषयों में बैचलर डिग्री जरूरी।

    CSE के पिछले साल के आंकड़े

    2025 में लगभग 10 लाख उम्मीदवारों ने आवेदन किया।

    प्रीलिम्स पास करने वाले: 14,161

    इंटरव्यू के लिए शॉर्टलिस्ट: 2,736

    फाइनल सिलेक्शन: 979 पदों के लिए

    2024 में लगभग 13 लाख आवेदन आए थे और 1,009 पदों पर सिलेक्शन हुआ।

    2023 में भी करीब 13 लाख आवेदन आए और 1,016 पदों पर फाइनल सिलेक्शन हुआ।

    लोकसभा में उठे सवाल

    लोकसभा में सवाल पूछा गया कि, क्या लद्दाख के उम्मीदवारों को इंडियन लैंग्वेज क्वालिफाइंग पेपर से छूट दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि नियम समय के साथ बदलते रहते हैं। फिलहाल लद्दाख के उम्मीदवारों को भाषा पेपर से कोई विशेष छूट नहीं मिली है।

    वर्तमान नियम (CSE 2025) के तहत अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और सिक्किम के उम्मीदवारों के लिए भारतीय भाषा पेपर देना अनिवार्य नहीं है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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