Naresh Bhagoria
5 Feb 2026
सीहोर जिले के कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से रुद्राक्ष महोत्सव की शुरुआत होने जा रही है। इसे लेकर पुलिस प्रशासन और मंदिर समिति ने तैयारियां तेज कर दी हैं। महोत्सव में विशेष पूजा-अर्चना, भजन संध्या और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रुद्राक्ष दर्शन और आध्यात्मिक आयोजनों में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
महोत्सव को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पुलिस अधिकारियों ने कुबेरेश्वर धाम का दौरा किया। इस दौरान मंदिर समिति को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में स्थायी कॉरिडोर बनाने को कहा गया है, ताकि आने-जाने में कोई परेशानी न हो। साथ ही भोजनशाला के निकासी द्वार के पास बने नाले को जाली से ढकने के निर्देश दिए गए हैं।
पंडित मिश्रा ने कहा कि भगवान शिव प्रकृति के देवता हैं। बढ़ते प्रदूषण और जलवायु संकट को देखते हुए शिवरात्रि को पर्यावरण से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने घर या आसपास कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं।
इस बार रुद्राक्ष महोत्सव पहले से ज्यादा भव्य होगा। धाम परिसर में 1 लाख 80 हजार स्क्वायर फीट में पक्का पंडाल बनाया गया है, जिसमें एक साथ करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु कथा सुन सकेंगे। श्रद्धालुओं के लिए 10 एकड़ में विशाल भोजनशाला तैयार की गई है। साथ ही 1 लीटर पानी की बोतल सिर्फ 5 रुपये में उपलब्ध कराई जाएगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुबेरेश्वर धाम से रेलवे स्टेशन तक लगभग 20 अस्थायी अस्पताल बनाए जा रहे हैं। भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे विभाग के सहयोग से विशेष ट्रेनों की भी व्यवस्था की गई है। सुरक्षा के लिए पूरे परिसर में 256 हाई-टेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
रुद्राक्ष महोत्सव सात दिनों तक चलेगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हर दिन अलग-अलग संत कथा में शामिल होंगे। 17 फरवरी को विशेष रूप से बागेश्वरधाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कुबेरेश्वर धाम पहुंचेंगे। इसके अलावा विभिन्न दिनों में मंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।