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कोरियन गेम का खौफनाक असर!क्या बच्चों पर डिजिटल लगाम जरूरी है? दर्दनाक घटना के बाद एक्टर की मांग

गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी में 12, 14 और 16 साल की तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। पुलिस जांच में सामने आया कि बच्चियां ऑनलाइन ‘कोरियन टास्क-बेस्ड गेम’ और डिजिटल दुनिया की लत में थीं। अभिनेता सोनू सूद ने भी इस मामले पर चिंता जताते हुए नाबालिगों के लिए सोशल मीडिया और गेमिंग पर सख्त पाबंदी की मांग की है।
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क्या बच्चों पर डिजिटल लगाम जरूरी है? दर्दनाक घटना के बाद एक्टर की मांग
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    गाजियाबाद में तीन नाबालिग बहनों की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस घटना के बाद अभिनेता सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर बच्चों की ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया की लत को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स तक नाबालिगों की आसान पहुंच अब गंभीर समस्या बनती जा रही है।

    सोनू सूद ने अपने पोस्ट में लिखा कि गाजियाबाद में तीन मासूम बच्चियों की जान चली गई। यह घटना किसी हिंसा या गरीबी के कारण नहीं, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल लत के दबाव से हुई। उन्होंने कहा कि वे पहले भी इस मुद्दे पर आवाज उठा चुके हैं और फिर दोहराते हैं कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग पर सख्त पाबंदी होनी चाहिए।

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    ‘बचपन को साथ चाहिए, स्क्रीन नहीं’

    सोनू ने अपने संदेश में कहा कि बच्चों को एल्गोरिदम नहीं, बल्कि माता-पिता के साथ और मार्गदर्शन की जरूरत होती है। उन्होंने लिखा कि यह किसी पर दोष डालने की बात नहीं है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा का सवाल है। अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं बढ़ सकती हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि इस मामले को सिर्फ एक और खबर बनाकर न भूलें, बल्कि इससे सीख लेकर ठोस कदम उठाएं।

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    क्या है गाजियाबाद का पूरा मामला?

    यह घटना गाजियाबाद की भारत सिटी सोसायटी की है, जहां 12, 14 और 16 साल की तीन सगी बहनों ने नौवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। पुलिस जांच में सामने आया कि तीनों बहनें एक ऑनलाइन ‘कोरियन टास्क-बेस्ड गेम’ की लत में थीं।

    जांच के दौरान पुलिस को घर से आठ पन्नों की डायरी और एक सुसाइड नोट मिला। नोट में बच्चियों ने लिखा था सॉरी पापा, कोरिया ही हमारी जिंदगी था। परिवार के मुताबिक, तीनों बहनें कोरियन ड्रामा, म्यूजिक और गेम्स की इतनी आदी हो चुकी थीं कि वे उसी दुनिया में जीना चाहती थीं।

    पिता ने कोरिया गेम को ठहराया जिम्मेदार 

    तीनों लड़कियों ने अपनी जेब में रखी डायरी में आठ पन्नों का एक नोट छोड़ा, जिसमें उन्होंने अपने माता-पिता से माफी मांगी और अपने खेल-कूद की गतिविधियों का ब्योरा दिया। 
    सुसाइड नोट में लिखी पंक्तियां थी.... We are love Korean… love love love… sorry.  इस डायरी में जो लिखा है, सब सच है… 

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    स्कूल नहीं जाना चाहती थीं बच्चियां

    पिता के अनुसार, बच्चियां स्कूल जाने से भी बचती थीं और कहती थीं कि उन्हें कोरिया भेज दिया जाए, वहीं पढ़ेंगी। वे कई साल से कोरियन कंटेंट देख रही थीं और उसी संस्कृति को अपनाना चाहती थीं. घर में जब इस पर रोक लगाई गई, तो वे धीरे-धीरे परिवार से दूर होती चली गईं।
    बताया गया कि पिता ने करीब 15 दिन पहले बड़ी बेटी का मोबाइल फोन छीनकर बेच दिया था, जिसके बाद घर में तनाव और बढ़ गया। पुलिस का कहना है कि घर में इस मुद्दे को लेकर अक्सर झगड़े होते थे।

    घटना वाली रात क्या हुआ?

    घटना की रात तीनों बहनें अपनी मां के साथ सो रही थीं। देर रात वे पानी पीने का बहाना बनाकर उठीं और पूजा वाले कमरे में चली गई। वहां उन्होंने दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। सबसे पहले बड़ी बहन ने छलांग लगाई, उसके बाद बाकी दो बहनों ने भी जान दे दी।

    आखिर क्या था पूरा मामला?

    पुलिस जांच के अनुसार, यह मामला सिर्फ ऑनलाइन गेमिंग की लत का नहीं, बल्कि परिवार के अंदर चल रहे तनाव और बच्चियों की मानसिक स्थिति से भी जुड़ा हुआ था। कोरियन संस्कृति और गेमिंग के प्रति बढ़ती दीवानगी, मोबाइल पर पाबंदी, घर के झगड़े और भावनात्मक दूरी- इन सभी कारणों ने मिलकर स्थिति को गंभीर बना दिया। यही दबाव इस दर्दनाक घटना की वजह बना।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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