Naresh Bhagoria
5 Feb 2026
Naresh Bhagoria
5 Feb 2026
Manisha Dhanwani
5 Feb 2026
भोपाल। मध्यप्रदेश एक बार फिर देश में वन्यजीव संरक्षण और पुनर्स्थापन का अग्रणी राज्य बनने की ओर बढ़ रहा है। राज्य में जल्द ही दक्षिण अफ्रीका के बोत्सवाना से 8 चीते लाए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही असम से जंगली भैंसों को लाकर मध्यप्रदेश के जंगलों में बसाने की योजना भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। यह पहल राज्य के जैव-विविधता संरक्षण को नई दिशा देगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर इन महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में चीतों के पुनर्स्थापन, असम से जंगली भैंसे लाने और अन्य वन्य प्राणियों से जुड़े प्रोजेक्ट्स की प्रक्रियाओं को लेकर सहमति बनी। मुख्यमंत्री ने सभी आवश्यक स्वीकृतियों और तकनीकी पहलुओं पर सहयोग मांगा।
[featured type="Featured"]
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जानकारी दी कि फरवरी माह के अंत, लगभग 28 फरवरी के आसपास बोत्सवाना से 8 चीते मध्यप्रदेश लाए जाएंगे। इन चीतों को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में बसाया जाएगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं और व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि चीतों का सुरक्षित पुनर्वास हो सके।
कूनो नेशनल पार्क में चीतों की सफल बसाहट के बाद अब मध्यप्रदेश के जंगलों में असम के जंगली भैंसे भी देखने को मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस संबंध में सभी कानूनी और पर्यावरणीय प्रक्रियाएं पूरी करने पर केंद्र सरकार से सकारात्मक चर्चा हुई है। यह कदम प्रदेश की जैव विविधता को और समृद्ध करेगा।
डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण, रिजर्व फॉरेस्ट के विस्तार और पर्यटन विकास की अपार संभावनाओं को साकार किया जा रहा है। इन परियोजनाओं से न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण को बल मिलेगा, बल्कि स्थानीय पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।