चिली के तांबा खदान में हादसा, दो मजदूरों की मौत, पांच की तलाश जारी; 900 मीटर गहराई में काम कर रहे थे मजदूर

चिली की सबसे बड़ी और दुनिया की सबसे गहरी तांबा खदान एल टेनिएंटे में हुए भयानक हादसे में अब तक दो मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह हादसा रानकागुआ शहर में स्थित खदान में हुआ, जो राजधानी सैंटियागो से करीब 100 किमी दूर है।
राज्य की खनन कंपनी कोडेलको (Codelco) ने बताया कि राहत कार्य के दौरान एक और मजदूर के अवशेष मिले हैं। इससे पहले एक मजदूर की मौत पहले ही हो चुकी थी। बाकी पांच मजदूरों की तलाश अभी जारी है।
भूकंपीय झटके से ढहा खदान का हिस्सा
यह हादसा गुरुवार को आया जब खदान के अंदर 900 मीटर गहराई में मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान भूकंपीय झटका महसूस हुआ जिसकी तीव्रता 4.2 मापी गई। अभी यह साफ नहीं हुआ है कि यह झटका प्राकृतिक था या खनन कार्य के कारण हुआ।
100 से ज्यादा लोग बचाव कार्य में जुटे
कोडेलको ने बताया कि बचाव दल में 100 से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं। मजदूरों की लोकेशन का पता लगाने के लिए खास उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
कोडेलको के अध्यक्ष मैक्सिमो पाचेको ने कहा, "हम जो भी कर सकते हैं, करेंगे। हमारी पूरी ताकत और अनुभव इस मिशन में लगे हैं।"
काफी पुराना है खदान
एल टेनिएंटे खदान 1900 के दशक की शुरुआत में शुरू हुई थी और इसमें 4,500 किमी से ज्यादा लंबी सुरंगें हैं। यह खदान दुनिया की सबसे बड़ी भूमिगत तांबा खदान है। पिछले साल इस खदान से 3.56 लाख टन तांबा निकाला गया था, जो चिली के कुल उत्पादन का लगभग 7% है।
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पहले भी कर चुके हैं सफल रेस्क्यू
राहत टीम में वही विशेषज्ञ शामिल हैं जिन्होंने 2010 में अटाकामा रेगिस्तान में 33 खनिकों को 69 दिनों बाद सुरक्षित बाहर निकाला था। उस समय वह ऑपरेशन पूरी दुनिया में सराहा गया था।
चिली को खनन के लिए दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में माना जाता है। साल 2024 में यहां खनन से जुड़ी मौतों की दर सिर्फ 0.02% थी। लेकिन चिली पैसिफिक रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में आता है, जहां भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है।
(इनपुट एएनआई)





















