इस्लामाबाद। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को लेकर बेहद विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को नेतन्याहू को उसी तरह पकड़ना चाहिए, जैसे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मदुरो के मामले में कार्रवाई की गई थी। आसिफ ने यह भी दावा किया कि तुर्किये भी नेतन्याहू को हिरासत में ले सकता है और इसके लिए पाकिस्तानी दुआ कर रहे हैं।
इंटरव्यू में ख्वाजा आसिफ ने नेतन्याहू को “मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा अपराधी” करार दिया और आरोप लगाया कि गाजा में फिलिस्तीनियों के साथ जो अत्याचार हुए हैं, वे इतिहास में अभूतपूर्व हैं।
ख्वाजा आसिफ का यह बयान एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल को दिए गए इंटरव्यू के दौरान सामने आया, जिसकी क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इंटरव्यू के दौरान एंकर हामिद मीर ने इस टिप्पणी को संवेदनशील बताते हुए बातचीत को बीच में ही रोक दिया। इस दौरान आसिफ ने उन लोगों पर भी सवाल उठाए।
जो ऐसे कथित अपराधियों का समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि कानून ऐसे लोगों के बारे में क्या कहता है, जो इस तरह के व्यक्तियों का साथ देते हैं। इस पर एंकर हामिद मीर ने उनसे पूछा कि क्या उनका इशारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की ओर है। इसके बाद हामिद मीर ने शो को रोकते हुए ब्रेक लेने का फैसला किया।
पाकिस्तान का इजराइल के साथ कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं है और वह लंबे समय से फिलिस्तीनी मुद्दे का खुला समर्थन करता रहा है। पाकिस्तान के ईरान के साथ भी करीबी संबंध हैं, जो इजराइल का विरोधी देश माना जाता है। ख्वाजा आसिफ ने इंटरव्यू के दौरान यह भी उल्लेख किया कि इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) गाजा में कथित युद्ध अपराधों को लेकर पहले ही बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुका है।

अमेरिका ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई करते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया है। 2 जनवरी की रात अमेरिकी सैनिकों ने विशेष ऑपरेशन चलाकर मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया। इसके साथ ही वेनेजुएला में मादुरो का शासन समाप्त हो गया।इस सैन्य कार्रवाई के बाद देश में सत्ता परिवर्तन की स्थिति बन गई है और प्रशासनिक ढांचे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी प्रशासन ने इस ऑपरेशन को सुरक्षा और कानून से जुड़ा कदम बताया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस कार्रवाई को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।