तेहरान। ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए सरकार विरोधी प्रदर्शन अब पूरे देश में फैल चुके हैं और राजनीतिक आंदोलन का रूप ले चुके हैं। शुरूआती विरोध महंगाई, बेरोजगारी और गिरती मुद्रा रेट को लेकर था, लेकिन अब यह सीधे सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की सरकार की वैधता को चुनौती दे रहा है। 14 दिनों के भीतर 60 से ज्यादा लोग मारे गए, जबकि 2600 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए हैं। विरोध ने सिर्फ ईरान के शहरों में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि, अमेरिका ईरान को सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की सरकार से आजादी दिलाने में मदद करने के लिए तैयार है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ईरान आजादी की ओर देख रहा है, शायद ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। अमेरिका मदद के लिए तैयार है।
अमेरिकी मीडिया के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान पर संभावित सैन्य हमले के विकल्पों पर विचार कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारी विभिन्न विकल्पों पर चर्चा कर रहे हैं। जिनमें ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर हवाई हमले करना शामिल है। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया कि फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और कोई अमेरिकी सैनिक या हथियार तैनात नहीं किए गए हैं।

ट्रंप ने इससे पहले भी ईरान को चेतावनी दी थी कि, अगर प्रदर्शनकारियों का खून बहाया गया, तो अमेरिका जवाब देगा। इससे पहले जून 2025 में अमेरिका ने ईरान के परमाणु स्थलों पर बंकर-भेदी हमले किए थे। ईरानी मीडिया ने तब बमबारी की पुष्टि की थी और कहा था कि कुछ परमाणु ठिकानों को बुरी तरह नुकसान पहुंचा है।
ईरान में पिछले दो हफ्तों से प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे हैं। राजधानी तेहरान से शुरू हुए प्रदर्शन अब देश के लगभग सभी राज्यों में फैल चुके हैं।
मुख्य तथ्य:
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घटना |
विवरण |
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मृतक संख्या |
कई लोगों की मौत (217 केवल 6 अस्पतालों में दर्ज) |
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गिरफ्तार |
2600 से ज्यादा लोग |
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प्रमुख शहर |
तेहरान, मशहद, तबरेज़, कुर्दिश क्षेत्र, ईरानशहर, यज्द, जंजन |
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इंटरनेट और मोबाइल सेवाएं |
7 जनवरी से देशभर में बंद |
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प्रदर्शन का कारण |
महंगाई, बेरोजगारी, गिरती मुद्रा रियाल, धार्मिक शासन विरोध |
ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों पर विदेशी ताकतों के साथ साजिश का आरोप लगाया। ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों को खुदा का दुश्मन माना जाएगा, जिसके तहत मृत्युदंड भी दिया जा सकता है।
निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से लगातार वीडियो संदेश जारी कर सड़कों पर बने रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि, लगातार तीसरी रात के प्रदर्शन ने सुप्रीम लीडर खामेनेई के दमनकारी तंत्र को कमजोर कर दिया है। पहलवी ने यह भी कहा कि, अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए तैयार रहने की घोषणा की है।
रजा पहलवी ने शनिवार को बताया कि, वह ईरान लौटने की तैयारी कर रहे हैं, ताकि वह देश के नागरिकों के बीच खड़े होकर राष्ट्रीय क्रांति की जीत में शामिल हो सकें। पहलवी को प्रदर्शनकारी धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक विकल्प मानते हैं। जिससे उन्हें लगता है कि ईरान को आर्थिक स्थिरता, वैश्विक मान्यता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता मिल सकती है।
जन्म: 31 अक्टूबर 1960, तेहरान
पिता: शाह मोहम्मद रजा पहलवी, माँ: महारानी फराह पहलवी
निर्वासन: अमेरिका में 50 साल से
मांग: ईरान को एक सेकुलर डेमोक्रेटिक देश बनाना
किताबें: ल' ऑर दू श्वा, विंड्स ऑफ चेंज, गुजश्तेह वा आयंदेह
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तारीख |
घटना |
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28 दिसंबर 2025 |
तेहरान में ग्रैंड बाजार में हड़ताल और विरोध प्रदर्शन की शुरुआत |
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29 दिसंबर 2025 |
विरोध दूसरे शहरों में फैला, पुलिस और प्रदर्शनकारियों की झड़प |
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30 दिसंबर 2025 |
10 से ज्यादा विश्वविद्यालयों के छात्र शामिल हुए |
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31 दिसंबर 2025 |
21 राज्यों में हिंसा फैली, 1 नागरिक और 1 सुरक्षा कर्मी की मौत |
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1 जनवरी 2026 |
नए साल के पहले दिन 5 प्रदर्शनकारियों की मौत |
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3 जनवरी 2026 |
खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को दंगाई कहा, कुल मौतें 28 तक |
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5 जनवरी 2026 |
28 राज्यों में हिंसा, 369 विरोध दर्ज |
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6 जनवरी 2026 |
रजा पहलवी ने 8 जनवरी को प्रदर्शन की अपील की |
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7 जनवरी 2026 |
ईरानशहर में पुलिस कमांडर की हत्या, कुल मौतें 30-40 |
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8 जनवरी 2026 |
100 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन, इंटरनेट बंद, मौतें 45 तक |
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9 जनवरी 2026 |
तेहरान एयरपोर्ट बंद, सेना अलर्ट पर |
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10 जनवरी 2026 |
अल-रसूल मस्जिद में आग, बिजली सप्लाई बंद |
ईरान की अर्थव्यवस्था तेल और पेट्रोकैमिकल्स निर्यात पर निर्भर है। 2024 में कुल निर्यात 22.18 बिलियन डॉलर, आयात 34.65 बिलियन डॉलर, व्यापार घाटा 12.47 बिलियन डॉलर। 2025 में तेल निर्यात में कमी और प्रतिबंध के कारण घाटा बढ़कर 15 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
महंगाई चरम पर है:
खाद्य पदार्थ: +72%
दवाइयां: +50%
रियाल: 1.45 मिलियन प्रति अमेरिकी डॉलर तक गिरा
2026 के बजट में 62% टैक्स बढ़ोतरी प्रस्ताव
जनता की नाराजगी मुख्य रूप से Gen Z और मध्यम वर्ग में बढ़ी है।
लंदन में ईरानी दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारियों ने इस्लामी गणराज्य का झंडा हटाकर शाह के पुराने झंडे को फहराया। प्रदर्शनकारियों ने ‘डेमोक्रेसी फॉर ईरान’ और ‘फ्री ईरान’ जैसे नारे लगाए। इस घटना के बाद ब्रिटिश पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी और 3 लोगों को गिरफ्तार किया।