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ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक :अमेरिका ने सीरिया में ISIS ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक, सैनिकों की मौत के बाद जबावी कार्रवाई

अमेरिकी सेना ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। सेंट्रल कमांड के अनुसार यह कार्रवाई दिसंबर में पलमायरा में हुए हमले का जवाब है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक की मौत हुई थी। ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत किए गए इन हमलों का मकसद ISIS को दोबारा संगठित होने से रोकना और क्षेत्र में सुरक्षा मजबूत करना है।
अमेरिका ने सीरिया में ISIS ठिकानों पर की एयरस्ट्राइक, सैनिकों की मौत के बाद जबावी कार्रवाई
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अमेरिकी सेना ने सीरिया में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के खिलाफ एक बार फिर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, यह कार्रवाई दिसंबर में हुए उस आतंकी हमले के जवाब में की गई है, जिसमें दो अमेरिकी सैनिकों और एक नागरिक ट्रांसलेटर की मौत हो गई थी। इस सैन्य अभियान को ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ के तहत अंजाम दिया जा रहा है। जिसका उद्देश्य ISIS के बचे हुए नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है।

    सीरिया में निशाने पर ISIS के ठिकाने

    CENTCOM ने जानकारी दी कि, अमेरिकी समयानुसार दोपहर करीब 12:30 बजे सीरिया के अलग-अलग इलाकों में मौजूद ISIS के रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले किए गए। इन हमलों में आतंकी ठिकानों, हथियारों के भंडार और संगठन के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया। हालांकि, अब तक किसी आतंकी के मारे जाने या घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

    पेंटागन और विदेश मंत्रालय की चुप्पी

    इस कार्रवाई के बाद पेंटागन ने हमलों के विस्तृत विवरण साझा करने से इनकार कर दिया है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्रालय की ओर से भी इस पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि, ऑपरेशन से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं।

    पलमायरा हमले के बाद तेज हुआ अभियान

    अमेरिकी सेना के अनुसार, 13 दिसंबर को सीरिया के पलमायरा क्षेत्र में ISIS ने हमला किया था। जिसमें दो अमेरिकी सैनिक और एक नागरिक अनुवादक मारे गए थे। इसी हमले के बाद अमेरिका ने ISIS के खिलाफ अपनी सैन्य रणनीति को और आक्रामक किया। ‘ऑपरेशन हॉकआई स्ट्राइक’ की औपचारिक शुरुआत 19 दिसंबर को हुई थी, जब एक साथ 70 से ज्यादा आतंकी ठिकानों पर हमले किए गए थे।

    CENTCOM की सख्त चेतावनी

    अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने साफ शब्दों में कहा है कि, आतंकवाद के खिलाफ अमेरिका की नीति में कोई नरमी नहीं होगी। CENTCOM के बयान में कहा गया, अगर कोई हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो हम उसे दुनिया के किसी भी कोने में ढूंढकर खत्म करेंगे।

    सीरिया की नई सरकार के साथ बढ़ा समन्वय

    हाल के महीनों में अमेरिका के नेतृत्व वाला गठबंधन न केवल हवाई बल्कि जमीनी स्तर पर भी ISIS के खिलाफ अभियान चला रहा है। इस बार इन कार्रवाइयों में सीरियाई सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका भी सामने आई है। असद सरकार के पतन के बाद बनी नई केंद्र सरकार के साथ अमेरिका अब सीधे समन्वय बढ़ा रहा है, जो पहले मुख्य रूप से कुर्द नेतृत्व वाली SDF तक सीमित था।

    ISIS को दोबारा संगठित होने से रोकना मकसद

    अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ISIS को फिर से संगठित होने और हमलों की योजना बनाने से रोकना है। फिलहाल सीरिया में करीब एक हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं, जो स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर आतंकवाद विरोधी अभियानों में सक्रिय हैं।

    व्हाइट हाउस में बनी थी सहयोग की सहमति

    पिछले साल सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शारा की व्हाइट हाउस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच ISIS के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी थी। इसके बाद से सीरिया में आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयों में तेजी देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संयुक्त रणनीति से क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को मजबूती मिल सकती है।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...

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