Raipur:छत्तीसगढ़ में 'विकसित भारत जी रामजी योजना' लागू: अब ग्रामीणों को 125 दिन रोजगार, गांवों में होंगे 318 तरह के विकास कार्य

रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण विकास को नई गति देने के लिए 'विकसित भारत जी रामजी योजना (VB-G Ram G)' लागू कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घोषणा की कि 1 जुलाई 2026 से लागू इस योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा। योजना के जरिए जल संरक्षण, ग्रामीण विकास, आजीविका, पशुपालन और जलवायु से जुड़े 318 प्रकार के विकास कार्य किए जाएंगे। इस वर्ष लगभग 6855 करोड़ रुपये के विकास कार्य प्रस्तावित हैं।
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1 जुलाई से लागू हुई नई ग्रामीण विकास योजना
रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बताया कि 'विकसित भारत जी रामजी योजना' 1 जुलाई 2026 से पूरे प्रदेश में लागू हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीणों की आय बढ़ाने का व्यापक अभियान है।

ग्रामीणों को मिलेगा 125 दिन का रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि लोगों को रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन न करना पड़े और गांवों में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलें।
6855 करोड़ से होंगे विकास कार्य
राज्य सरकार ने इस वर्ष योजना के तहत लगभग 6855 करोड़ रुपये के विकास कार्य कराने का लक्ष्य रखा है। इस राशि से गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ रोजगार सृजन और स्थायी विकास को बढ़ावा दिया जाएगा।
15 अगस्त से शुरू होंगे तीन विशेष अभियान
सरकार 15 अगस्त से 26 जनवरी तक तीन विशेष अभियान चलाएगी।
'मेरी बेटी मेरा अभियान' के तहत 6671 स्कूलों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।
'मोर गांव मोर पानी' अभियान में 10,027 सूखे नलकूपों को रिचार्ज करने के लिए रिचार्ज वेल तैयार किए जाएंगे।
इन अभियानों का उद्देश्य जल संरक्षण और ग्रामीण सुविधाओं का विस्तार करना है।
318 तरह के होंगे विकास कार्य
योजना के तहत कुल 318 प्रकार के विकास कार्य किए जाएंगे।
107 प्रकार के जल संरक्षण कार्य
90 प्रकार के ग्रामीण विकास कार्य
86 प्रकार के आजीविका बढ़ाने वाले कार्य
35 प्रकार के जलवायु एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्य
इसके अलावा गांवों में पुस्तकालय, पशु चिकित्सालय और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा।
6524 मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनेंगे
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 6524 मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। इस कार्य पर लगभग 391 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा।
पशुपालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर
योजना में पशुपालन से जुड़ी अधोसंरचना विकसित की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीणों की अतिरिक्त आय बढ़ेगी और गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
आपदा प्रबंधन और जल संरक्षण पर रहेगा फोकस
योजना के तहत बाढ़, आग और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के लिए भी आवश्यक कार्य किए जाएंगे। जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दीर्घकालिक विकास की दिशा में काम किया जाएगा।












